अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू होने जा रही है, जो रक्षाबंधन तक जारी रहेगी । इसके लिए सोमवार से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पंजीकरण करा सकते हैं। पहला जत्था 30 जून को जम्मू से रवाना किया जाएगा। यात्रा इस बार 31 अगस्त तक चलेगी। 62 दिनों की यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी काफी मजबूत रहेगी। यात्रा के लिए पंजीकरण श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर होगा।अमरनाथ यात्रा के लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी है। बर्फानी सेवा मंडल के पदाधिकारी सुरेंद्र ने बताया कि इस बार भी यात्रा के दौरान पहले की तरह कोरोना वायरस को लेकर सरकार और अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा जारी हिदायतों का पालन किया जाएगा। हरियाणा के कैथल जिले से इस वर्ष भी काफी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए जाएंगे। इसके साथ ही मंडल की तरफ से 62 दिन भंडारा भी लगाया जाएगा।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पंजाब नेशनल बैंक की 316, SBI बैंक की 99, जम्मू-कश्मीर की 90 और यस बैंक की 37 ब्रांच में किया जा सकता है। श्रद्धालु श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर यात्रा के लिए ऑनलाइन अप्लाई भी कर सकते हैं।गाइडलाइंस के मुताबिक, 13 से 70 साल की उम्र के लोग अमरनाथ यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सभी तीर्थ स्थलों के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है। वहीं 6 हफ्ते या उससे ज्यादा की प्रेग्नेंट महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं है।

भंडारों में इन खाद्य सामग्री पर रहेगी पाबंदी इस बार अमरनाथ यात्रा पर भंडारों में पनीर, हैवी पुलाव, तले चावल, पूरी, भटूरा, पिज्जा, बर्गर, भरवां परांठा, डोसा, भरवां रोटी, मक्खन के साथ ब्रेड, क्रीम आधारित खाद्य पदार्थ, अचार, तला पापड़, चटनी, नूडल्स, कोल्ड ड्रिंक, हलवा, मिठाइयां, खोये की कुल्फी, चिप्स, मट्ठी, नमकीन, पकौड़े, समोसे, फ्राइड ड्राई फ्रूट व डीप फ्रीज पर पाबंदी रह सकती है।इसके अलावा मांसाहारी भोजन, तंबाकू, गुटखा व पान मसाला आदि पर पिछले वर्ष 2022 की तरह ही इस बार भी सख्ती रहने की उम्मीद है।

अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में 17 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले अमरनाथ पर्वत पर स्थित है। अमरनाथ गुफा श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर दक्षिण कश्मीर में है। यह पहलगाम से 46-48 किलोमीटर और बालटाल से 14-16 किलोमीटर दूर है। यहां केवल पैदल, घोड़ों या हेलिकॉप्टर द्वारा ही पहुंचा जा सकता है। तीर्थयात्री पहलगाम से 46-48 किलोमीटर या बालटाल से 14-16 किलोमीटर की दूरी की खड़ी, घुमावदार पहाड़ी रास्ते से गुजरते हुए यहां पहुंचते हैं।

अमरनाथ यात्रा का मार्ग समय के साथ बदलता रहा है। इस इलाके में सड़कों के निर्माण के साथ ही यात्रा मार्ग में भी बदलाव हुआ है। अब अमरनाथ की यात्रा के लिए 2 रास्ते हैं। एक रास्ता पहलगाम से शुरू होता है, जो करीब 46-48 किलोमीटर लंबा है। इस रास्ते से यात्रा करने में 5 दिन का समय लगता है। वहीं दूसरा रास्ता बालटाल से शुरू होता है, जहां से गुफा की दूरी 14-16 किलोमीटर है, लेकिन खड़ी चढ़ाई की वजह से इससे जा पाना सबके लिए संभव नहीं होता, इस रास्ते से यात्रा में 1-2 दिन का समय लगता है।

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