हरियाणा में चार दिन से अटका मानसून आखिरकार एक्टिव हो चुका है। बुधवार सुबह गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत और सोनीपत में रुक-रुककर बारिश हुई। गुरुग्राम में अरावली की पहाड़ियों के बीच बने लेपर्ड ट्रेल में युवक-युवतियां बारिश का मजा लेते दिखे। कुछ युवतियां बीच सड़क पर ही डांस करने लगीं।
गुरुग्राम पुलिस ने कॉर्पोरेट कंपनियों और निजी संस्थानों से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने की सुविधा दें।
वहीं, सोनीपत के महमूदपुर गांव में बारिश के चलते एक मकान की छत गिर गई। घर में सो रही देवरानी और जेठानी की मलबे में दबने से मौत हो गई। फरीदाबाद में ओल्ड रेलवे अंडरपास को जलभराव के कारण अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून पूरे हरियाणा और पंजाब को कवर कर लेगा। न्यूनतम तापमान में औसतन 2.4°C की गिरावट दर्ज हुई। सबसे कम तापमान गुरुग्राम में 17.0°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान में औसतन 0.4°C की गिरावट दर्ज हुई। सिरसा में 40.8°C के साथ सबसे गर्म जिला रहा।
सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर में मंगलवार तड़के लगातार बारिश के बीच एक पुराने और जर्जर मकान की छत गिरने से जेठानी-देवरानी की दर्दनाक मौत हो गई। विमला (55) और सुनील रानी (52) कमरे में चारपाई पर सो रही थीं, तभी भारी बीम, मिट्टी और ईंटें उनके ऊपर आ गिरीं, जिससे दोनों की मौके पर ही जान चली गई।

सुबह करीब साढ़े चार बजे परिजन उन्हें चाय देने पहुंचे तो दोनों मलबे में दबी मिलीं। ग्रामीणों और परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले। विमला का कोई बेटा नहीं था, इसलिए सुनील रानी ने अपना बेटा दीपक उन्हें गोद दे दिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे जर्जर मकान की छत गिरने से हुआ हादसा मान रही है और मामले की जांच कर रही है।
1 जून से 7 जुलाई तक हरियाणा में औसतन 58.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 26% कम है। वहीं, जुलाई के पहले हफ्ते में प्रदेश में 19.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 18% कम रही। मंगलवार, 7 जुलाई को पूरे प्रदेश में औसतन 2.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा बारिश करनाल में 75.8 मिमी. हुई।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए धान की रोपाई का काम जारी रखें। हालांकि, रोपाई के दौरान पौधों को अधिक गहराई में न लगाएं। साथ ही, धान की नर्सरी में प्रति वर्ग मीटर 1 ग्राम कार्बेन्डाजिम को रेत में मिलाकर छिड़काव करें।
जिन किसानों ने कपास की फसल बोई है, वे खेतों में जलभराव न होने दें और अतिरिक्त बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें, ताकि फसल की जड़ें खराब न हों। वहीं, बाजरा और ग्वार की बुवाई करने वाले किसान मौसम साफ होने तक बुवाई टाल दें। सब्जियों और फलों की फसलों में अगले तीन दिनों तक सिंचाई और उर्वरकों का प्रयोग भी न करें।
