मानसून की सुस्ती झेल रहे हरियाणावासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विज्ञान विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, प्रदेश में 21 अगस्त की रात से मानसूनी हवाएं एक बार फिर जोर पकड़ने वाली हैं। उत्तरी हरियाणा के ऊपर एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन आकार ले रहा है।
इसके अलावा मानसून टर्फ की अक्षय रेखा अमृतसर, नजीबाबाद और फतेहगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इस मौसमी बदलाव से 21 अगस्त की रात से 23 अगस्त के बीच प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं बारिश की बात करें अब तक एक अगस्त से 20 अगस्त तक हरियाणा में सामान्य से 17% कम बारिश हुई है। राज्य में 20 अगस्त तक औसत 307.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार केवल 254.5 मिमी पानी ही गिरा है। प्रदेश के 7 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
21 से 23 अगस्त के बीच राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाए रहने, गर्जना होने और मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। दिन का तापमान थोड़ा गिरेगा, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं 24 अगस्त के बाद मानसून की टर्फ लाइन हिमालय की तलहटी की तरफ खिसक जाएगी। इसके असर से राज्य में बारिश की गतिविधियां थमेंगी और मौसम केवल परिवर्तनशील बना रहेगा।
