पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की हैं। अवैध खनन मामले में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे समेत कई लोगों के ठिकानों पर जांच एजेंसी ने छापा मारा हैं। सूत्रों के अनुसार लुधियाना और शहीद भगत सिंह नगर में सीएम चरणजीत चन्नी के रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी दबिश दी गई है। इसके अलावा मोहाली में सेक्टर 70 में छापेमारी की गई है। पंचकूला में भी रेड पड़ी है। वहीं ईडी की इस कार्रवाई से पंजाब की सियासत गरमा गई है।

वहीं सीएम चन्नी ने इसे साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि उनके रिश्तेदार के घर पर छापेमारी की जा रही है। वे मुझे निशाना बना रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुझ पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। हम इससे लड़ने के लिए तैयार हैं। बंगाल चुनाव के दौरान भी यही हुआ था।

कांग्रेस ने इसे बदलाखोरी की कार्रवाई बताते हुए इसकी निंदा की है। वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें यह जानकर बहुत दुख होता है कि अवैध बालू खनन के एक मामले में पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के रिश्तेदार के घर पर छापेमारी की जा रही है. पंजाब के सीएम और उनके रिश्तेदार अवैध रेत खनन में शामिल हैं।

पंजाब में अवैध रेत खनन पर ED की छापेमारी, BJP कोर ग्रुप की बैठक आज - Hindi  News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,  Breaking News in

पंजाब पुलिस ने 2018 में अवैध रेत खनन को लेकर केस दर्ज किया था। जिसमें बाकी धाराओं के साथ 420 भी लगी थी। उसी के आधार पर इस केस को ED ने टेकओवर कर लिया। शुरूआत में इसमें कुदरतजीत नाम के आरोपी का नाम सामने आया था। उससे पूछताछ हुई तो पता चला कि इसके मुख्य सूत्रधार भूपिंदर हनी हैं। इसके बाद ED भूपिंदर हनी तक पहुंची। जो मोहाली के सेक्टर 70 के होमलैंड सोसाइटी में रहते हैं। यह भूपिंदर हनी ही पंजाब के मौजूदा सीएम चरणजीत चन्नी का करीबी रिश्तेदार हैं। उन्हें सीएम चन्नी की साली का बेटा बताया जा रहा हैै।

ED इस बात की जांच कर रही है कि भूपिंदर हनी के अवैध रेत माइनिंग में क्या सीएम चन्नी के प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। क्या सीएम चन्नी के नाम का इस्तेमाल कर अवैध रेत खनन का काम किया गया। इस मामले में अवैध रेत खनन के जरिए करोड़ों की कमाई का शक है। सीएम चरणजीत चन्नी को लेकर रेत खनन का मामला पहले भी उठ चुका है। पूर्व विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने यह मामला उठाया था। उस वक्त चरणजीत चन्नी पंजाब की CM कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई वाली सरकार में टेक्निकल एजुकेशन मंत्री थे। हालांकि चन्नी ने उस वक्त ही इन आरोपों को झूठा करार दिया था। चन्नी ने गुरुद्वारा साहिब जाकर कसम खाने तक की बात कह दी थी।

इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी सीएम चन्नी के विधानसभा क्षेत्र चमकौर साहिब में अवैध रेत खनन के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि सीएम की जानकारी में ही गांव जिंदापुर में अवैध रेत खनन हो रहा है। जब फारेस्ट अफसर ने इसका विरोध किया तो उसकी ट्रांसफर करवा दी गई। हालांकि सीएम चन्नी ने इन आरोपों को गलत करार दे दिया था।

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