फसलों की MSP का गारंटी कानून समेत 13 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में पंजाब बंद है। किसानों ने सुबह 7 बजे हाईवे बंद कर दिए। अमृतसर-दिल्ली और जालंधर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर किसान बैठे हुए हैं।
वहीं मार्केट के साथ पेट्रोल पंप बंद हैं। बसें भी नहीं चल रही हैं। पंजाब बंद को धार्मिक व सामाजिक संगठनों, कर्मचारियों, व्यापारियों और जत्थेबंदियों ने समर्थन दिया है। राज्य में 52 ट्रेन रद्द की गई हैं, जबकि 22 के रूट बदले गए हैं।
किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। किसी की कोई परीक्षा, इंटरव्यू आदि है तो उसे भी नहीं रोका जाएगा।
उधर, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ समेत सभी यूनिवर्सिटी ने आज होने वाले एग्जाम स्थगित कर दिए। सभी जिलों में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

रविवार को किसानों ने आंदोलन के समर्थन में चलाए जा रहे सोशल मीडिया अकाउंट पर एक जानकारी शेयर की है। इसमें बताया है कि सरकार आंदोलन को कैसे समर्थन दे सकती है। इसमें उनकी तरफ से मुख्य रूप से कुछ पॉइंट उठाए हैं।
- पंजाब सरकार केंद्र से MSP की वैधानिक गारंटी पर कानून बनाने का अनुरोध करती है, जो केंद्र सरकार के दायरे में है। साथ ही अन्य राज्यों को भी केंद्र से समान कानून की मांग के लिए लिखा जाना चाहिए।
- हरियाणा सरकार असंवैधानिक रूप से पंजाब की सीमाएं बंद नहीं कर सकती, न ही पंजाब की सीमा के भीतर हमला कर सकती है। इसके विरुद्ध विरोध प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इसके खिलाफ धारा-131 का प्रयोग करते हुए हरियाणा सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई जानी चाहिए।
- विधानसभा में पारित इन प्रस्तावों के साथ सभी विपक्षी दलों के नेता, विधायक और सांसद जाकर राष्ट्रपति से मिलें और डल्लेवाल के आमरण अनशन रोकने का पत्र सौंपे। साथ ही MSP के लिए केंद्र सरकार के पास जाएं
