राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हिसार गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) के दीक्षांत समारोह में पहुंची, इस दौरान हरियाणा के सीएम और राज्यपाल भी मौजूद रहे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विद्यार्थियों को डिग्री बांटने के बाद जीजेयू के वीआईपी गेस्ट हाउस में लंच करी. राष्ट्रपति के आगमन को लेकर हरियाणा प्रशासन ने सुरक्षा से खास प्रबंध किए गए

राष्ट्रपति मुर्मू को लंच में हरियाणवी और राजस्थानी व्यंजन परोसा गया. लंच में देसी घी का चूरमा, बाजरे की खिचड़ी, मिलेट्स से बनी रोटियां, राजस्थानी केर सांगरी की सब्जी, चावल की खीर, बथुए का रायता, मूंग दाल तड़का, लौकी की सब्जी, पालक कोर्न, गाजर मेथी मटर की सब्जी, उबली सब्जी, रेड एंड ब्राउन राइस, ग्रीन सलाद और दही और ताजा फल परोसे गए

तय कार्यक्रम के मुताबिक राष्ट्रपति सुबह 10.55 बजे जीजेयू के समारोह में पहुंची. करीब 1 घंटे में वह स्टूडेंट को डिग्री और मेडल दीं. इसके बाद जीजेयू के वीआईपी गेस्ट हाउस में लंच करेंगी. दोपहर बाद 3.20 बजे ब्रह्मकुमारीज विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में भाग लिया
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि आज बहुत खुशी हुई कि ये डिग्री देश के विकास में बढ़ती महिलाओं का प्रमाण है। पाने वाली बेटियों की संख्या 60 फीसदी से अधिक है। वहीं मेडल प्राप्त करने वालों में भी बेटियों की संख्या 75 फीसदी है। मैं बेटियों व उनके परिवार की सराहना करती हूं।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अपने संबोधने में स्टूडेंट्स से कहा कि आप रोजगार पाने की मानसिकता को बदलें, रोजगार उत्पन्न करने की मानसिकता के साथ आगे बढ़ें। जॉब सीकर नहीं जॉब प्रोवाइडर बनें। इस यूनिवर्सिटी में ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बहुत अधिक है। मैं अपील करूंगी कि गांव के लोगों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें।
इस मौके पर सुरक्षा के लिए 10 आईपीएस, 26 डीएसपी और करीब 2000 पुलिसकर्मी तैनात रहे। जीजेयू में वाहनों को पूरी चेकिंग के बाद ही एंट्री दी गई। राष्ट्रपति के आगमन के समय जीजेयू की तरफ जाने वाले रास्तों पर ट्रैफिक को कुछ देर के लिए बंद रखा गया।
इस दीक्षांत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के चौधरी रणबीर सिंह सभागार के मुख्य हॉल में किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी, पोस्ट ग्रेजुएट व अंडर ग्रेजुएट की डिग्रियों के अतिरिक्त मेडल भी प्रदान किए गए। इस दीक्षांत समारोह में 9 फरवरी 2018 से 31 दिसंबर 2024 तक अवॉर्ड की गई 561 पीएचडी की डिग्रियां संबंधित शोधार्थियों को प्रदान की गई। यूटीडी और पुराने इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट महाविद्यालयों के 326 विद्यार्थियों को मेडल्स प्रदान किए गए। वहीं 2017 से 2023 तक के पासआउट संबद्ध डिग्री, लॉ व शिक्षा कॉलेजों के 149 विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी मेडल्स प्रदान किए गए।
