हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसानों आंदोलन के बीच गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे को लेकर किसान संगठनों ने साजिश का अंदेशा जताया है। किसानों ने डंपर की मैकेनिकल जांच की मांग उठाते हुए बाइपास पर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया।
इसके बाद SHO ने किसानों के बीच पहुंचकर जानकारी दी कि ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद किसान मृतकों के शव का पोस्टमॉर्टम कराने को तैयार हो गए। इससे पहले बहादुरगढ़ नागरिक अस्पताल में SP वसीम अकरम ने भी किसानों से बात की।
दरअसल, गुरुवार की सुबह बहादुरगढ़ में किसानों के आंदोलन स्थल के पास एक डंपर ने डिवाइडर पर बैठी 5 महिलाओं को रौंद दिया। हादसे में 3 बुजुर्ग महिलाओं की मौत हुई, जबकि दो घायल हैं। गुरुवार सुबह किसानों ने मृतकों के शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराने का ऐलान कर दिया।
किसान नेताओं का कहना था कि इस हादसे के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। इसलिए आरोपी ड्राइवर की गिरफ्तार के साथ ही उसका बैकग्राउंड का पता चलना चाहिए। किसान नेताओं ने मृतक महिला किसानों का कर्जा माफ करने, 10 लाख रुपए मुआवजा देने और परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।SP वसीम अकरम ने घटनास्थल के साथ ही बहादुरगढ़ अस्पताल में किसानों से भी बात की और कहा कि किसान नेताओं को साथ लेकर पूरे हादसे की जांच की जाएगी।
डंपर के मालिक महाबीर अपने ड्राइवर को हादसे के बाद खुद पुलिस थाने लेकर पहुंचे। डंपर मालिक महाबीर का कहना है कि उनका किसी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं है। आरोपी ड्राइवर मंगल डेढ़ महीने से रोजाना इसी रास्ते पर एक चक्कर लगाता है।आज भी वह चरखी दादरी से डस्ट लेकर दिल्ली के कंझावला जा रहा था। महाबीर का कहना है कि इससे पहले ड्राइवर से कभी कोई हादसा नहीं हुआ।
