सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एनजीटी गाइडलाइन के तहत जिले में पुराने वाहनों पर सबसे बड़ा एक्शन होने वाला है। पुलिस और परिवहन विभाग ने एक्शन का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। सरकारी रिकार्ड में ऐसे 28 हजार वाहनों का जिले में रजिस्ट्रेशन है। इनमें डीजल के 9 हजार व पेट्रोल के 19 हजार वाहन कॉमर्शियल व पर्सनल कैटेगरी के शामिल हैं।
25 सितंबर से दोनों टीमें स्पेशल इंपाउंड टारगेट के साथ फील्ड में उतरेंगी। लेकिन इंपाउंड प्लान में एक्शन का मोड अधूरी तैयारी के साथ है। दरअसल इंपाउंड वाहनों के लिए अभी स्क्रैप पॉलिसी की गाइडलाइन जिले के अधिकारियों के पास नहीं है। ऐसे में ये जब्त हुए वाहन यार्ड में रखने होंगे। लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग ने अभी जिले में यार्ड स्पॉट ही तय नहीं किए हैं। ऐसे में आधी अधूरी तैयारियों के बीच आरटीए व ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी 24 सितंबर के बाद से जिले की सड़कों पर अभियान चलाने उतरेंगे।
