हरियाणा के अंबाला के गांव बिचपड़ी में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 22 वर्षीय फार्मेसी स्टूडेंट अभिषेक ने परिवार के तीन सदस्यों की गोलियां मारकर हत्या कर दी, जबकि उसकी चाची गंभीर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही हैं।
मृतकों में आरोपी का बड़ा भाई संदीप, 95 वर्षीय दादी इसरो देवी और चाचा महेंद्र पाल शामिल हैं। वहीं घायल चाची का इलाज पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में चल रहा है।
पुलिस जांच के अनुसार यह खूनी खेल जमीन, मिट्टी के ठेके और रिटायरमेंट के पैसों के विवाद में खेला गया। बताया जा रहा है कि आरोपी अभिषेक पंचकूला में फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था और परिवार उसे पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहता था, लेकिन उसका वीजा रिजेक्ट हो गया था।
सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है कि अभिषेक ने सबसे पहले अपने बड़े भाई संदीप पर चार राउंड फायर किए। इसके बाद वह गली में चाचा के घर पहुंचा, जहां पहले दादी के साथ बदसलूकी की और फिर उन पर गोली चला दी। इसके बाद भागने की कोशिश कर रहे चाचा महेंद्र को भी गोली मार दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने गली में अपनी चाची के सीने में भी गोली दाग दी।
परिजनों के मुताबिक दोनों भाइयों के बीच जमीन और मिट्टी के ठेके को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पिता के रिटायरमेंट के बाद मिले करीब 16 लाख रुपए को लेकर भी घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे। बताया जा रहा है कि बड़ा भाई संदीप अक्सर अभिषेक के खर्चों को लेकर उसे टोकता था, जिससे वह नाराज रहता था।
शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे विवाद इतना बढ़ गया कि अभिषेक ने पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से दादी इसरो देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संदीप, महेंद्र और चाची गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पीजीआई चंडीगढ़ ले जाते समय संदीप और महेंद्र ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।
