उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ नेशनल हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा बह गया है। हाईवे बंद होने पर जगह-जगह 1,000 से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश में जून से अब तक बादल फटने की 35 के करीब घटनाएं हुई हैं। बीते 24 दिनों में 27 बार बादल फट चुके हैं। बाढ़ से 158 लोगों की मौत हुई है। 606 घर ढह गए और 5,363 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

वहीं, दिल्ली में फिर बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। यमुना अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। मंगलवार सुबह जलस्तर 205.45 दर्ज किया गया। आज यहां बारिश की भी संभावना है।

इन राज्यों में तेज बारिश होगी: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश।

देश के उत्तरी राज्यों में भारी बारिश जारी है। इसकी वजह से इन राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश ने रास्ते रोक दिए हैं।

हिमाचल में 24 जून से अब तक फ्लैश फ्लड व लैंड स्लाइड की चपेट में आने से 44 लोगों की जान जा चुकी है। कुल्लू और मंडी जिले में सबसे ज्यादा तबाही मची है। प्रदेश में 5116 करोड़ रुपए की निजी व सरकारी संपत्ति बारिश की भेंट चढ़ चुकी है। प्रदेश में 606 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं।

पंजाब के 9 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में अलसुबह बारिश होने के कारण सुबह के न्यूनतम तापमान में गिरावट आई, लेकिन हिमाचल में बारिश के कारण भाखड़ा बांध को लेकर चिंता बढ़ी है।

राज्य में कल से फिर मानसून एक्टिव होगा, जिसको देखते हुए 9 जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। सूबे में बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या 1,465 पहुंच गई है। अब तक बाढ़ से 40 की मौत हो चुकी है। 6 लोग घायल हुए और 2 लापता हैं।

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