पंचकूला, 7 नवंबर। पंचकूला के सरकारी स्कूल में KG की बच्ची के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद उसे पीजीआई से छुट्टी तो मिल गई है, लेकिन घटना का डर अभी भी उसके मन में बना हुआ है। परिवार के मुताबिक, बच्ची रात में डरकर उठ जाती है और बार-बार पूछती है कि उसे क्यों मारा गया था। परिजन उसे समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन घटना का असर अभी भी दिखाई दे रहा है।
बच्ची के चाचा के अनुसार, रात में वह डरकर चिल्लाते हुए उठ जाती है। परिवार का कहना है कि शरीर पर लगी चोटें ठीक हो चुकी हैं, लेकिन बच्ची को इस घटना से उबरने में समय लग सकता है। इसी वजह से परिवार ने फिलहाल उसे स्कूल नहीं भेजने का फैसला किया है।
बच्ची को पुराने स्कूल में नहीं भेजेगा परिवार
परिवार ने स्पष्ट किया है कि बच्ची को अब उस सरकारी स्कूल में दोबारा नहीं भेजा जाएगा, जहां उसके साथ मारपीट हुई थी। परिजनों को आशंका है कि स्कूल लौटने पर उसे घटना याद आ सकती है और उसकी परेशानी बढ़ सकती है।
फिलहाल परिवार आसपास के इलाकों में निजी स्कूल तलाश रहा है, जहां बच्ची का दाखिला कराया जा सके। परिवार ने उसकी बड़ी बहन को भी फिलहाल सरकारी स्कूल भेजना बंद कर दिया है।
बड़ी बहन भी घटना के बाद रहने लगी गुमसुम
बच्ची की बड़ी बहन भी उसी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती है। चाचा के मुताबिक, घटना वाले दिन घर पहुंचकर उसने अपने पिता से कहा था कि छोटी बहन स्कूल में उससे नहीं मिली।
परिवार का कहना है कि छोटी बहन के साथ हुई घटना के बाद बड़ी बहन भी गुमसुम रहने लगी है। परिजनों के अनुसार, स्कूल की ओर से अब तक कोई भी बच्ची का हाल जानने घर नहीं पहुंचा। हालांकि, पीजीआई में इलाज के दौरान बिलिंग संबंधी काम के लिए विभाग की ओर से दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
आरोपी बच्चा परिवार के साथ रह रहा
मामले में आरोपी 8 वर्षीय बच्चा अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम से लौटने के बाद पंचकूला में अपने परिवार के साथ रह रहा है। उसने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया है।
मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में निर्धारित है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सोशल मीडिया लिंक से संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट बोर्ड के सामने पेश करेगी।
स्कूल में बनेगा डबल एंट्री गेट
घटना के बाद स्कूल प्रशासन में भी बदलाव किए गए हैं। स्कूल की प्रिंसिपल को निलंबित कर अंबाला मुख्यालय भेज दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को बतौड़ के प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार ने स्कूल में अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया।
विभाग के आदेश के अनुसार, दीपावली के बाद स्कूल में डबल एंट्री गेट बनाने का काम शुरू किया जाएगा। एक गेट प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के आने-जाने के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अलावा पहली मंजिल पर जाने वाली सीढ़ियों पर भी दरवाजा लगाया जाएगा।
28 अक्टूबर को हुई थी घटना, सीसीटीवी में कैद हुई मारपीट
यह घटना 28 अक्टूबर को पंचकूला के सरकारी स्कूल में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा में 8 वर्षीय छात्र ने KG में पढ़ने वाली 6 वर्षीय बच्ची के साथ मारपीट की थी। घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी।
29 अक्टूबर की आधी रात बच्ची को पीजीआई के एडवांस ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत नाजुक थी। बताया गया कि वह करीब 40 घंटे तक बेहोश रही। डॉक्टरों की निगरानी और उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।
वीडियो सामने आने के बाद हुई कार्रवाई
30 अक्टूबर को घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग, मानवाधिकार आयोग, बाल संरक्षण आयोग और महिला आयोग की टीमों ने मामले का संज्ञान लिया और स्कूल पहुंचकर जानकारी जुटाई।
31 अक्टूबर को शिक्षा विभाग ने स्कूल की दो शिक्षिकाओं को निलंबित किया। इसके बाद 1 नवंबर को स्कूल की प्रिंसिपल को भी निलंबित कर दिया गया। आरोपी बच्चे को ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया था।
4 नवंबर को बच्ची को पीजीआई से छुट्टी दे दी गई और वह अपने परिवार के साथ रहने लगी। इसी दिन आरोपी बच्चा भी ऑब्जर्वेशन होम से अपने घर लौट आया।
फिलहाल परिवार बच्ची की देखभाल और उसे सामान्य दिनचर्या में लौटाने पर ध्यान दे रहा है। मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी।

