हरियाणा में एक गांव की पंचायत ने युवक-युवतियों की आपस में लव मैरिज करने को लेकर सख्त फैसला लिया है। पंचायत में तय किया गया कि गांव के युवक-युवतियां आपस में शादी नहीं कर सकेंगे। नियम का उल्लंघन करने वाले परिवारों के सामाजिक बहिष्कार की बात भी कही गई है।
बताया जा रहा है कि यह गांव हरियाणा के एक मंत्री की ससुराल से जुड़ा है। पंचायत के इस फैसले के बाद मामला चर्चा में है। ग्रामीण स्तर पर लिए गए इस निर्णय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पंचायत के फैसले और उसके लागू होने को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। वहीं, ऐसे मामलों में व्यक्तिगत विवाह की स्वतंत्रता और पंचायत के अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हरियाणा के PWD मंत्री रणबीर गंगवा की ससुराल आर्यनगर गांव में लव मैरिज पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। ग्रामीणों ने पंचायत कर यह निर्णय लिया। पंचायत में तय किया गया कि अगर गांव का कोई युवक-युवती आपस में लव मैरिज करते हैं, तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे जोड़ों को गांव में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इनका साथ देने वाले परिजनों और अन्य लोगों का भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पहले गांव में तीन मामले सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।
यह पंचायत रविवार को हुई थी। सोमवार को इसकी जानकारी सामने आने के बाद दैनिक भास्कर की टीम आर्यनगर पहुंची और ग्रामीणों से पंचायत के फैसले के बारे में बात की। सरपंच रतनलाल ने तो बात करने से ही इनकार कर दिया।
आर्यनगर के रहने वाले भाजपा नेता हनुमान वर्मा ने बताया- कुलवंत खोसला की अध्यक्षता में पंचायत हुई थी। इसमें पूरे गांव ने तय किया कि गांव की बेटी की शादी गांव से बाहर नहीं की जाएगी। अगर कोई ऐसा करता है, तो उसे समझाया जाएगा कि ऐसा न करे।
जब हम किसी दूसरे गांव में बेटे की शादी करते हैं, तो वहां पूछा जाता है कि उस गांव में हमारे गांव की कितनी बेटियां हैं। गांव की हर बेटी अपनी बेटी होती है। अब गलत परंपरा शुरू हो चुकी है। इस फैसले में पंचायत का रोल नहीं है, बल्कि पूरे गांव ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है।

