हरियाणा में सोमवार रात से मौसम ने फिर करवट ली है। हिसार, गुरुग्राम, नारनौल और भिवानी समेत आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 17 जिलों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा प्रदेश के अन्य इलाकों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 8 मई को भी मौसम खराब बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का सीधा असर गेहूं कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल, सब्जियों और बागवानी पर पड़ सकता है।
आज सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और कैथल में तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा), बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई के बाद फसल को खुले में न छोड़कर सुरक्षित स्थान पर रखें। सब्जियों और फलदार पौधों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए कवर या जाल का उपयोग करें। साथ ही तेज हवाओं के चलते खड़ी फसल के गिरने का भी खतरा बना हुआ है, इसलिए समय रहते जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।
हरियाणा में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। कई जिलों में दिन का तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आसमान में बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में हो रही बारिश के चलते तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है।
आने वाले दो दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बना रहने की संभावना है। तेज हवाओं और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी।
प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है और यह सामान्य से नीचे बना हुआ है। रात का तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
बादलों की मौजूदगी और ठंडी हवाओं के कारण रात का मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन अचानक बदलते मौसम के चलते तापमान में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसका असर फसलों और आम जनजीवन पर पड़ सकता है, खासकर उन किसानों पर जिन्होंने हाल ही में फसल की कटाई की है।
