रोहतक स्थित PGI की OPD सेवाएं बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद थम जाएंगी। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने MBBS स्टूडेंट के समर्थन में दोपहर 12 बजे के बाद ओपीडी बंद करने का निर्णय लिया है। MBBS स्टूडेंट पिछले 23 दिनों से 40 लाख की बाँड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठे हैं। ऐसे में रोहतक पीजीआइ पहुंचने वाले मरीजों को पहले ही ध्यान रखना होगा। ताकि उन्हें धक्के ना खाने पहड़े।
बता दें कि रोहतक पीजीआइ की ओपीडी सुबह 9 बजे शुरू होती है। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों का रजिस्ट्रेशन दोपहर 2 बजे तक किया जाता है। वहीं चिकित्सक मरीजों को शाम 4 बजे तक देखते हैं। लेकिन बुधवार को सुबह तीन घंटे तक ओपीडी सेवाएं सुचारु चल पाएंगी। लेकिन दोपहर 12 बजे सभी ओपीडी सेवाएं थम जाएंगी।
लगातार बढ़ रही पेन डाउन स्ट्राइक
शनिवार से लगातार MBBS स्टूडेंट के समर्थन में ओपीडी सेवाएं बंद की जा रही है। शनिवार को रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के चिकित्सक केवल एक घंटे के पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे थे। वहीं सोमवार को दो घंटे व मंगलवार को तीन घंटे तक ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई। जिसके कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाया।
40 लाख की बाँड पॉलिसी गलत
MBBS स्टूडेंट का कहना है कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर बोझ डाल दिया है। जिसका सीधा नुकसान विद्यार्थियों को हागा। नई बाँड पॉलिसी के तहत विद्यार्थियों को 40 लाख रुपए देने होंगे। जो हर किसी विद्यार्थी के लिए संभव नहीं हैं। जिससे मेरिट पाने वाले काफी विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं कर पाएंगे।
ये रखी मांग
– बाँड एग्रीमेंट में से बैंक की दखल अंदाजी पूरी तरह से खत्म की जाए।
– साथ ही बाँड सेवा की अवधि 7 साल से घटाकर अधिकतम 1 वर्ष की जाए।
– ग्रेजुएशन के अधिकतम 2 महीने के अंदर सरकार MBBS ग्रेजुएट को नौकरी प्रदान करे।
– 40 लाख सेवा बाँड राशि को घटाकर 5 लाख रुपये किया जाए
– PG कोर्स (MD/MS) के बारे में स्थिति बिल्कुल साफ की जाए।
