हरियाणा में आज फिर से डॉक्टर हड़ताल पर हैं। हालांकि राहत यह है कि इमरजेंसी की सेवाएं चलती रहेंगी। डीजी हेल्थ डॉ आरएस पूनिया और हरियाणा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) के पदाधिकारी के बीच देर रात तक हुई वार्ता में सहमति बनी कि डॉक्टर्स प्रदेश में इमरजेंसी सेवाएं बंद नहीं करेंगे। हालांकि आज से डॉक्टर न तो ओपीडी में बैठ मरीजों को देखेंगे और न ही ऑपरेशन करेंगे।
नागरिक अस्पतालों में डॉक्टर्स पोस्टमॉर्टम, एमएलआर, ओपीडी, आईपीडी, वीआईपी ड्यूटी, जेल ड्यूटी जैसे काम नहीं करेंगे। तीन दिनों में दूसरी बार डॉक्टरों की हड़ताल से नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ने वाली है। हालांकि डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर देर रात तक मीटिंगों का दौर जारी रहा।
डीजी हेल्थ ने HCMS पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि वे दो दिनों में स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ वार्ता कराएंगे। चूंकि जी अनुपमा दिल्ली दौरे पर हैं, इसलिए संभव है कि आज हेल्थ मिनिस्टर अनिल विज के साथ एसोसिएशन की मीटिंग कराई जाए। इसके बाद एसोसिएशन पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह अस्पतालों में हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं बंद नहीं करेंगे।
संडे तक निकल आएगा समाधान
हरियाणा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश ख्यालिया ने देर रात बताया कि आने वाले दो दिनों में समाधान के आश्वासन के बाद आज से सांकेतिक हड़ताल रहेगी, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं को जारी रखा जाएगा। उन्हें रविवार तक कोई न कोई समाधान निकल आने की उम्मीद है। संगठन के अध्यक्ष का कहना है कि डॉक्टरों की जायज मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
27 को 931 डॉक्टर्स हुए थे हड़ताल में शामिल
27 दिसंबर को डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान प्रदेश के 3 हजार डॉक्टरों में से सिर्फ 931 डॉक्टरों ने हड़ताल में भाग लिया। डीजी हेल्थ पूनिया ने हड़ताल को असफल करार देते हुए कहा कि एसोसिएशन की ज्यादातर मांगे स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की ओर से मानी जा चुकी हैं और कइयों को मुख्यमंत्री से भी स्वीकृति मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी जिला अस्पताल, पीएचसी और सीएचसी में हड़ताल का कोई असर नहीं रहा। चिकित्सकों की जायज मांगों को लेकर सरकार गंभीर हैं और विशेषज्ञों का अलग कैडर किए जाने की मांग पर सरकार ने अपनी मोहर लगा दी है।
