रोहतक, 5 नवंबर। उपायुक्त सतबीर सिंह ने नागरिकों का आह्वान किया है कि वे माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए पटाखों के उपयोग संबंधी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें तथा पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दें। एनसीआर क्षेत्र में केवल अनुमोदित हरित पटाखों की ही बिक्री व उपयोग की अनुमति दी गई है तथा इन पटाखों के उपयोग का समय भी निर्धारित किया गया है। सतबीर सिंह स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला में 6 नवंबर 2026 तक केवल अधिकृत विक्रेताओं द्वारा ही हरित पटाखों की बिक्री की अनुमति रहेगी तथा अनधिकृत स्थानों एवं ऑनलाइन माध्यम से पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित है। न्यायालय के निर्देशानुसार 7 एवं 8 नवंबर 2026 को प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक तथा रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी। त्योहार के बाद 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध पुनः लागू हो जाएगा। अधिकारी आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि नागरिक केवल वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान एवं पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन द्वारा प्रमाणित हरित पटाखों का ही उपयोग करें। पटाखों की खरीद करते समय उत्पाद पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर निर्माता, पंजीकरण, लाइसेंस एवं परीक्षण प्रमाणपत्र आदि की पुष्टि अवश्य करें। हरित पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित एवं अधिकृत स्थानों पर ही की जा सकेगी। निर्धारित समय के अतिरिक्त पटाखे चलाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सतबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शैक्षणिक संस्थानों एवं अधिसूचित शांत क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध अथवा प्रतिबंधित पटाखों के निर्माण एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई करने के साथ-साथ संबंधित निर्माता या विक्रेता का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे विद्यार्थियों को पटाखे जलाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण तथा प्रदूषण के स्वास्थ्य पर पडने वाले प्रतिकूल प्रभाव के बारे में जागरूक करें। विद्यार्थियों को केवल प्रमाणित हरित पटाखे जलाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाये।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने नागरिकों का आह्वान किया है कि वे ध्वनि रहित अथवा कम ध्वनि वाले प्रमाणित हरित पटाखों का ही उपयोग करें। किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए एसएएमईईआर ऐप (इंडियाज एयर क्वालिटी इंडेक्स ) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है अथवा स्थानीय जिला प्रशासन या पुलिस को सूचित किया जा सकता है। पुलिस विभाग जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर बिक्री के निर्धारित स्थानों पर निगरानी के लिए विशेष गश्ती एवं निरीक्षण दल गठित करेगा। निगरानी दल यह सुनिश्चित करेंगे कि केवल अनुमोदित हरित पटाखों की ही बिक्री हो तथा प्रत्येक उत्पाद पर निर्धारित क्यूआर कोड उपलब्ध हो।
सतबीर सिंह ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र के बाहर से किसी भी प्रकार के पटाखों को एनसीआर क्षेत्र में लाने की अनुमति नहीं होगी। इसी प्रकार बेरियम युक्त तथा राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा अनुमोदित नहीं किए गए पटाखों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसे पटाखे बिक्री अथवा किसी व्यक्ति अथवा व्यापारी के कब्जे में पाए जाने पर उन्हें जब्त किया जाएगा। लड़ी वाले पटाखों के निर्माण एवं बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अथवा ऑनलाइन माध्यम से पटाखों की बिक्री या खरीद की अनुमति नहीं होगी। ऑनलाइन माध्यम से ऐसे उत्पादों की आपूर्ति पाए जाने पर संबंधित उत्पाद को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपमंडलाधीश आशीष कुमार, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह, नगराधीश शुभम, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, सिविल सर्जन डाॅ कमला वर्मा, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग से जुडे।
फोटो: 01 से 03
0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!