CM खट्टर और राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय के रोहतक दौरे से पहले बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठे MBBS के स्टूडेंट पर हरियाणा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। धरना समाप्त कराने के लिए रात 2 बजे छात्रों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया। साथ ही घेर कर बसों में बिठाकर जबरन रोहतक PGI भेज दिया। छात्रों ने बताया कि पुलिस के द्वारा छात्रों के साथ भी बुरा व्यवहार किया गया।

आपको बता दे पुलिस ने तड़के दो बजे के लगभग लड़कियों सहित करीब 200 छात्रों को घेर लिया गया और चेतावनी स्वरूप स्टूडेंट्स पर वाटर कैनन से पानी भी डाला गया जिसके बाद उन्हे पुलिस की बसों में बिठाकर PGI परिसर से ले जाया गया। आपको बता दे छात्रों को ले जाने में पुलिस बल की कुल 6 बसे लगी।

पुलिसकर्मियों ने धरने पर बैठे छात्रों को काफी समझाने के बाद मज़बूरन करवाई अम्ल में लाते हुए स्टूडेंट्स को बसों की ओर घसीटना शुरू कर दिया। उसके बाद स्टूडेंट्स ने जेल भरो आंदोलन के तर्ज पर स्वयं पुलिस की बसों में चढ़ना शुरू कर दिया और साथ ही बॉन्ड पॉलिसी वापिस लो के नारे लगाए।
पुलिस कार्रवाई राज्यपाल, CM और गृह मंत्री के PGI परिसर में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरे से कुछ घंटे पहले हुई। दीक्षांत समारोह का स्थान उस जगह से कुछ ही दूरी पर है जहां छात्र पिछले चार दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे।

रोहतक पीजीआई समेत हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के MBBS छात्र राज्य सरकार द्वारा 40 लाख रुपए की बॉंड फीस लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं। हालांकि हरियाणा सरकार के अनुसार शर्त को वापस ले लिया गया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह से छलावा है।
रोहतक पुलिस के अनुसार विरोध कर रहे MBBS के कुछ छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि कुछ छात्रों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार छात्रों को सभागार के पास विरोध प्रदर्शन न करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अड़े रहे। इसलिए, उन्हें हिरासत में गिरफ्तार करना पड़ा।
