रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल मार्गदर्शक लगाने की तैयारी की जा रही है। स्टेशन के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में टच-स्क्रीन कियोस्क लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से यात्री प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, वेटिंग हॉल, लिफ्ट और अन्य सुविधाओं तक पहुंचने का रास्ता आसानी से जान सकेंगे। यात्री कियोस्क पर उपलब्ध QR कोड स्कैन करके अपने मोबाइल पर भी दिशा देख सकेंगे।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल की इस योजना में रेवाड़ी के साथ राजस्थान के अलवर जंक्शन को भी शामिल किया गया है। रेलवे ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक सुविधा शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
स्क्रीन पर विकल्प चुनते ही दिखेगा रास्ता
डिजिटल कियोस्क पर स्टेशन परिसर का नक्शा उपलब्ध होगा। यात्री टच स्क्रीन पर अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे और संबंधित स्थान तक पहुंचने का रास्ता देख सकेंगे।
इसमें प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, वेटिंग हॉल, विश्राम कक्ष, फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, खानपान स्टॉल और निकास द्वार जैसी सुविधाओं की लोकेशन शामिल होगी।
QR कोड स्कैन करने के बाद यात्री अपने स्मार्टफोन पर भी दिशा संबंधी जानकारी देख सकेंगे। इससे स्टेशन परिसर में रास्ता खोजने के लिए बार-बार दूसरों से पूछने की जरूरत कम होगी।
बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को मिलेगी राहत
रेवाड़ी जंक्शन पर पहली बार आने वाले यात्रियों को कई बार प्लेटफॉर्म या दूसरी सुविधाएं तलाशने में परेशानी होती है। ट्रेन छूटने की जल्दी में यह परेशानी और बढ़ जाती है।
डिजिटल मार्गदर्शक शुरू होने से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांग यात्रियों और परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों को मदद मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत व्हीलचेयर रैंप, सुलभ शौचालय और विशेष लिफ्ट जैसी सुविधाओं की लोकेशन भी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
नागपुर स्टेशन के मॉडल पर तैयार होगी व्यवस्था
रेलवे प्रशासन नागपुर स्टेशन पर इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल नेविगेशन मॉडल की तर्ज पर रेवाड़ी और अलवर जंक्शन पर यह व्यवस्था विकसित करेगा। कियोस्क स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास लगाए जाने की योजना है, ताकि परिसर में पहुंचते ही यात्री इनका इस्तेमाल कर सकें।
चालू वित्तीय वर्ष में सुविधा शुरू करने का लक्ष्य
उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल के सीनियर डीसीएम भूपेश यादव के अनुसार, यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। रेवाड़ी और अलवर जंक्शन पर डिजिटल मार्गदर्शक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। रेलवे का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक काम पूरा करके यात्रियों को यह सुविधा उपलब्ध कराना है।
