हरियाणा के फरीदाबाद निवासी भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना (68) की राजस्थान में हुई हत्या के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि हत्या की आशंका के चलते भड़ाना ने कुछ दिन पहले ही 30 सिक्योरिटी गार्ड रखे थे। इसके बावजूद रविवार, 11 अक्टूबर को हुए हमले के दौरान गार्ड मौके से भाग गए। वहीं, ग्रामीणों ने दावा किया है कि हमले से पहले गांव में एक गुप्त बैठक हुई थी, जिसमें भड़ाना को मारने की बात कही गई थी। हालांकि, पुलिस ने ऐसी किसी बैठक या हत्या की साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हमले के दौरान कहां थे 30 सिक्योरिटी गार्ड?
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना के समय सिक्योरिटी गार्ड क्रेशर पर मौजूद थे। ग्रामीणों की भीड़ ने जब कार्यालय और घर में घुसकर हमला किया तो गार्ड वहां से निकल गए।
पूछताछ में कुछ गार्डों ने बताया कि वे भड़ाना के लीज पर आने से कुछ दिन पहले से वहां आने लगे थे। इससे पहले हुए विवाद के दौरान भी वे उनके साथ थे। उनके पास लाठी और सरिए जैसे हथियार भी रहते थे। गार्डों के मुताबिक, हमलावरों के पास हथियार थे और पत्थरबाजी भी की जा रही थी, जिसके चलते वे मौके से हट गए।
गांव में गुप्त बैठक होने का दावा
कुछ ग्रामीणों के अनुसार, भड़ाना और गांव के लोगों के बीच क्रेशर तक आने-जाने के रास्ते को लेकर विवाद बढ़ गया था। आरोप है कि भड़ाना ग्रामीणों के डंपर और ट्रैक्टरों को उस रास्ते से आने से रोक रहे थे।
ग्रामीणों ने दावा किया कि हमले से पहले करीब 20 लोगों की एक बैठक हुई थी। इसमें कथित तौर पर कहा गया था कि भड़ाना का समय आ गया है। हालांकि, इस बैठक और इसमें हत्या की साजिश रचे जाने के दावे की पुलिस ने अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पत्नी ने फायरिंग और मारपीट के आरोप लगाए
अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश ने शिकायत में आरोप लगाया कि घटना वाले दिन ग्रामीणों ने घर और कार्यालय में घुसकर हमला किया तथा फायरिंग की। उनके मुताबिक, भड़ाना के सिर के दाईं ओर हथियार से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी।
शिकायत के अनुसार, गगन, पूरन सिंह और प्रदीप उन्हें बचाने पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान गगन और प्रदीप घायल हो गए। कमलेश ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें और कर्मचारियों को जिंदा जलाने के इरादे से मकान में आग भी लगाई।
मामले की FIR में 64 लोगों को नामजद किए जाने और दो अज्ञात लोगों का उल्लेख होने की जानकारी दी गई है।
मौके से मिले कारतूस के दो खोल
पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को घटनास्थल से कारतूस के दो खोल मिले हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये देसी पिस्टल के बताए जा रहे हैं।
हालांकि, फायरिंग किसने की और किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। एक आशंका यह भी जताई गई है कि विवाद के दौरान किसी ने बचाव में हवाई फायरिंग की हो। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, 35 से 40 अन्य लोगों के नाम सामने आने का दावा
भरतपुर पुलिस ने हमले में शामिल होने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ के दौरान 35 से 40 अन्य लोगों के नाम सामने आने की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि ये लोग भौंडा गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
तीन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में राजस्थान में तीन पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वैर थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया, जबकि ASP प्रेरणा शेखावत और भुसावर के CO नीरज भारद्वाज को पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में रखा गया है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बैठक के बाद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
12 अक्टूबर को हुआ था अंतिम संस्कार
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार 12 अक्टूबर की शाम फरीदाबाद के पाली गांव में किया गया था। उनकी हत्या के बाद परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।
फिलहाल, हत्या के मामले में पुलिस जांच जारी है। सिक्योरिटी गार्डों के मौके से भागने, कथित गुप्त बैठक और फायरिंग से जुड़े पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

