मानसिक तौर पर कमजोर एक महिला जो परिवार से बिछड़ गई थी, उसे पुलिस ने 10 साल बाद परिजनों से मिला दिया। दक्षिण भारत की एक संस्था ने इस महिला को उसके परिवार से मिलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकी। इसके बाद महिला को भरतपुर के ‘अपना घर’ अनाथालय में भेज दिया गया। जिसके बाद महिला के जीवन ने अलग ही मोड़ आया और ‘अपना घर’ ने इसकी सूचना स्टेट क्राइम ब्रांच को भेजी गई। जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच पलवल की टीम ने उसे घर पहुंचाने की मुहिम शुरू की।

टीम इंचार्ज एएसआई संजय भड़ाना और उनके साथियों ने महिला की काउंसिलिंग शुरू की। करीब 1 महीने तक महिला बातचीत की गई। उससे मिली जानकारी अलग-अलग थानों में भिजवाई गई। एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार क्राइम ब्रांच की टीम को कामयाबी मिली। महिला ने टीम के बार-बार पूछने पर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का पता बताया। जिसके बाद टीम ने प्रतापगढ़ थाने में सूचना पहुंचाई।

जांच में पता चला कि महिला प्रतापगढ़ की ही रहने वाली है और साल 2012 में प्रतापगढ़ थाने में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज है। जांच के बाद बुलंदशहर थाना पुलिस ने महिला के परिवार को सूचना दी। जिसके बाद महिला का छोटा बेटा जुनैद अपनी मां को लेने पलवल पहुंचा। 10 साल बाद हुई इस मुलाकात से दोनों की आंखों में आंसू आ गए। जुनैद ने बताया कि उनकी मां 10 साल पहले घर से लापता हो गई थी, जिन्हें उन्होंने ढूंढने की बहुत कोशिश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!