बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आज रेलवे रोड व कच्चा बेरी रोड क्षेत्र में संयुक्त टीम द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए 3 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई क्षेत्र में बाल श्रम की लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर की गई।
छापेमारी के दौरान एक बच्चा रेलवे रोड स्थित बैग की दुकान पर तथा दो बच्चे रसगुल्ले की दुकान पर कार्य करते हुए पाए गए। टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों बच्चों को मौके से सुरक्षित रेस्क्यू किया।
इस संयुक्त अभियान में एमडीडी से विकास तथा मानव तस्करी विरोधी टीम के सदस्य रवि मलिक, अरुण कुमार व सुरेंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेस्क्यू किए गए बच्चों को आवश्यक संरक्षण प्रदान करते हुए बाल कल्याण समिति, रोहतक के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक एवं सदस्य एडवोकेट विकास अत्री के समक्ष पेशी के दौरान जांच में सामने आया कि तीनों बच्चों की आयु लगभग 16 वर्ष है। इनमें एक बच्चा उत्तर प्रदेश, एक बिहार तथा एक रोहतक का निवासी है।
चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में बच्चों से मजदूरी न करवाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनः ऐसा पाए जाने पर संबंधित अभिभावकों व नियोजकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी के उपरांत बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इसके अतिरिक्त संबंधित दुकान मालिकों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि वे नाबालिग बच्चों को रोजगार पर न रखें। नियमों की अवहेलना करने पर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
चेयरमैन सतीश कौशिक ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाल मजदूरी जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
