रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के वर्तमान या भूतपूर्व कर्मचारी के लिए राहत मिली है। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कर्मचारियों के मेडिकल बिलों के समय पर भुगतान के लिए पहली बार मेडिकल रीइंबर्समेंट सेल की विश्वविद्यालय में स्थापना की है। इससे कर्मचारियों के मेडिकल बिल का महीनों की जगह तीन सप्ताह में भुगतान होगा।
कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि उनके संज्ञान में आया कि कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारियों के काफी मेडिकल बिल बहुत समय से लंबित चले आ रहे थे। ऐसे में निदेशक डॉ. एसके सिंघल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल से मीटिंग में फैसला करके कर्मचारियों के हितों को देखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा मेडिकल रीइंबर्समेंट सेल की स्थापना की गई है।
जिसका उद्देश्य मेडिकल बिल के भुगतान की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। इस सेल में विश्वविद्यालय का अतिरिक्त स्टाफ नियुक्त किया गया है। जिसमें एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, एक फार्मासिस्ट व एक क्लर्क नियुक्त किया गया है जो पुराने पड़े मेडिकल क्लेम्स का निपटान दो माह में करेंगे। इस सेल के गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि विश्वविद्यालय के हजारों कर्मचारियों को उनके मेडिकल क्लेम्स का भुगतान समय पर मिल सके। इस सेल का नोडल अधिकारी वित्त नियंत्रक राजेश कुमार मनोचा को बनाया गया है।
डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि संस्थान में कई भूतपूर्व कर्मचारी प्रदेश के साथ अन्य प्रदेशों मे भी रहते हैं। ऐसे में जब भी कोई कर्मचारी अपना मेडिकल बिल इस सेल में जमा करवाकर जाएगा तो उसके बाद आगे की कार्यवाही के बारे में पूरी सूचना ई-मेल के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इससे पेंशनर्स को बार-बार अपने बिल के लिए विश्वविद्यालय नहीं आना पडेगा। भविष्य में कर्मचारियों के सभी मेडिकल बिल इसी सेल में जमा होंगे।
डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि कर्मचारी का मेडिकल पर बहुत खर्च हो जाता है। ऐसे में उनके सामने कई बार आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाती थी तो उसी को देखते हुए सख्त आदेश जारी किए गए हैं कि भविष्य में तीन सप्ताह के अंदर मेडिकल बिल का भुगतान किया जाए। इसके लिए कुलपति और कुलसचिव कार्यालय में हर महीने के पहले सप्ताह में सेल को प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करनी होगी।
