कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 13 महिलाएं शामिल हैं। जान गंवाने वालों में 12वीं की छात्रा और एक नर्स भी हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बारिश के कारण पंडाल में भारी भीड़ जमा हो गई थी। अंधेरा, संकरे प्रवेश और निकास मार्ग तथा भीड़ के दबाव के चलते हालात बिगड़ गए। इसी दौरान एग्जिट गेट का एक हिस्सा गिरने के बाद अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में गैर-इरादतन हत्या के आरोप में FIR दर्ज की गई है।
हैरानी की बात यह है कि हादसे से महज दो दिन पहले इसी पंडाल को पश्चिम बंगाल सरकार के ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ में ‘बेस्ट ऑफ बेस्ट’ श्रेणी में चुना गया था।
मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में SIT गठित करने की घोषणा की है। जांच में CCTV फुटेज भी खंगाली जाएगी।
कोलकाता के उत्तर हिस्से में चित्तरंजन एवेन्यू के पास चोरबागान सार्वजनीन दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 घायल हो गए।
घायलों में एक की हालत गंभीर है। मृतकों में चार पुरुष, दो बच्चे और 13 महिलाएं शामिल हैं। 11 घायलों को एसएसकेएम अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे के बाद पूजा पंडाल की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि 18 लोगों को मृत अवस्था में कोलकाता मेडिकल कालेज पहुंचाया गया था।
मुख्यमंत्री ने पूजा समिति के सभी सदस्यों को थाने में बुलाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने पूजा समिति के सभी सदस्यों को थाने में बुलाने का निर्देश दिया है। पूजा आयोजक समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच होगी, जिम्मेदार लोगों की भूमिका देखी जाएगी और सीसीटीवी फुटेज की जांच भी कराई जाएगी।
पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने रविवार को ही उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एक सिटिंग जज के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने की बात कही है। इसके अलावा, घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। शनिवार रात ही कोलकाता पहुंचे अमित शाह ने रविवार को अपना सारा कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। वह घायलों को देखने रविवार को अस्पताल भी जाएंगे।
घटना होने के बाद प्रतिमा दर्शन बंद कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के स्वजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की स्थिति का जायजा लिया। हादसे के बाद पंडाल की रोशनी बंद कर दी गई और प्रवेश तथा निकास मार्ग बंद कर दिए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडाल के भीतर एक गोलाकार एलिवेटेड गलियारा बनाया गया था, जहां से दर्शकों को 360 डिग्री घूमकर बाहर निकलना पड़ता था। प्रारंभिक जानकारी में इसी गलियारे में भीड़ का दबाव बढ़ने की बात सामने आई है।
हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि मौके पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की सहायता समय पर नहीं मिली।
राज्य सरकार ने पीड़ितों के स्वजन की सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर गहरा दुख जताया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडाल के भीतर एक गोलाकार एलिवेटेड गलियारा बनाया गया था, जहां से दर्शकों को 360 डिग्री घूमकर बाहर निकलना पड़ता था। प्रारंभिक जानकारी में इसी गलियारे में भीड़ का दबाव बढ़ने की बात सामने आई है।
हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि मौके पर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की सहायता समय पर नहीं मिली।
राज्य सरकार ने पीड़ितों के स्वजन की सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर गहरा दुख जताया।
चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति की इस वर्ष की थीम आर्ब’ यानी ‘बियांड साउंड’ थी। 360 डिग्री की अवधारणा पर बने इस पंडाल को श्रेष्ठ पूजा पंडालों की सूची में तीसरा स्थान मिलने की जानकारी दी गई थी।
पूजा से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भतीजे देवदीप अधिकारी जुड़े हैं। जोड़ासांको के भाजपा विधायक विजय ओझा समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि उत्तर कोलकाता जिला भाजपा अध्यक्ष तमोघ्न घोष भी इससे जुड़े हुए हैं। हादसे के बाद आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

