हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर अपने गानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार विवाद हिमाचल प्रदेश से जुड़ा है, जहां कांग्रेस विधायक आरएस बाली के एक कार्यक्रम में उन्होंने हरियाणा में बैन किए गए गाने ‘एक खटोला जेल के भीतर, एक खटोला जेल के बाहर’ पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर नया विवाद शुरू हो गया है
क्योंकि गन और गंद कल्चर पर 25 जुलाई को महम चौबीसी में हुई खाप पंचायत में मासूम शर्मा ने यह कहकर किनारा कर लिया था कि उनकी पसली में चोट है। इस मुहिम को शुरु करने वाले जाट आंदोलन दंगे के भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर मासूम के बारे में सफाई भी दी थी। मगर, दो दिन बाद यानि 27 जुलाई को ही मासूम स्टेज शो करते दिखाई दिए।
इस कार्यक्रम की खास बात यह भी रही कि जब मासूम शर्मा ने यह गाना गाया, उस वक्त विधायक आरएस बाली और मंत्री विक्रमादित्य सिंह मौजूद थे। विधायक बाली ने तो मंच से ही हरियाणावी भाषा पर टिप्पणी भी की। कहा कि उन्हें हरियाणवी भाषा समझ नहीं आती, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद लोग गाने के साथ झूम रहे हैं और गा भी रहे हैं।
बता दें कि हरियाणा सरकार ने मार्च 2025 में गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप में 20 अलग-अलग सिंगर्स के कुल 67 गानों पर कार्रवाई की थी, जिनमें सबसे ज्यादा गाने (10) अकेले मासूम शर्मा के थे। इन गानों को लेकर कई बार हरियाणा और राजस्थान में हंगामा भी हो चुका है।

