महंगाई के खिलाफ हरियाणा में भी कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान के नेतृत्व में पार्टी विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पार्टी मुख्यालय से राजभवन के घेराव के लिए कूच किया, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।

पुलिस हिरासत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से हर व्यक्ति परेशान है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों का जीना दूभर हो गया है। हरियाणा में पूरे देश के मुकाबले बेरोजगारी और महंगाई सबसे ज्यादा है। ऐसे में जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए विपक्ष ने सड़कों पर उतरने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि केंद्र सरकार जीएसटी में संशोधन और प्रदेश सरकार वैट की दरों में कटौती करके जनता को राहत देने का काम करे। अग्निवीर योजना, बुजुर्गों की पेंशन कटौती और प्रदेश में बढ़ते अपराध का जिक्र करते हुए हुड्डा ने कहा कि जनविरोधी फैसलों के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। विधानसभा सत्र के दौरान सदन में भी आमजन के मुद्दो को उठाया जाएगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार तानाशाही पर उतारू हो गई हैं। देश में अघोषित इमरजेंसी लगा दी गई है। आज पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, पीएनजी, एलपीजी के दाम बेहताशा बढ़ रहे हैं। आटा, घी, पनीर, दूध, छाछ तक पर जीएसटी थोप दी गई है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और लोगों की आय घटती जा रही है। आज बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना से लेकर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग तक जैसे मुद्दे पर सरकार जवाब देने से बच रही है। कांग्रेस के प्रदर्शन को रोकने के लिए सभी दफ्तरों को सील कर दिया गया। विपक्ष की आवाज को सदन और सड़क दोनों जगह दबाने की कोशिश हो रही है। सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का मजाक बनाकर रख दिया है, लेकिन लोकतंत्र बचाने के इस आंदोलन को कांग्रेस कमजोर नहीं होने देगी। सरकार की तानाशाही के खिलाफ यह आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस के हल्ला बोल प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज, रामकिशन गुज्जर, वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा, विधायकों में रघुबीर कादियान, गीता भुक्कल, आफताब अहमद, शमशेर गोगी, मेवा सिंह, वरुण मुलाना, सुरेंद्र पवार, प्रदीप चौधरी, बिशन लाल सैनी, मोहम्मद इलियास, जगबीर मलिक, सुभाष देशवाल, जयवीर वाल्मीकि, रेनू बाला, राव दान सिंह, बलबीर वाल्मीकि और इंदुराज नरवाल शामिल हुए। इसके अलावा सुभाष चौधरी, सुधा भारद्वाज, चांदवीर हुड्डा, पवन जैन, अशोक मेहता, अब्दुल गफ्फार कुरेशी, समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।
