रोहतक। हरियाणा के रोहतक में नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। करीब पांच साल तक चले इस मामले में अदालत का फैसला आया है।
किताब लेने के बहाने घर से निकली थी छात्रा: मामले में 24 नवंबर 2021 को बहुअकबरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी सुबह किताब लेने के बहाने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को शिकायत दी गई।
पुलिस ने छात्रा को बरामद कर आरोपी को पकड़ा: पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के ठिकानों पर दबिश दी। इसके बाद छात्रा को बरामद किया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मेडिकल जांच के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई: पुलिस ने छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया और मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई और करीब पांच साल तक केस अदालत में चला।
अदालत ने सुनाई 10 साल की कैद: मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत भी 10 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
दोनों धाराओं में सुनाई गई सजा और जुर्माने के संबंध में उपलब्ध रिपोर्ट में यही विवरण दिया गया है। अदालत के आदेश की विस्तृत प्रति के आधार पर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि सजाएं साथ-साथ चलेंगी या अलग-अलग। रोहतक में इस मामले का फैसला करीब पांच साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है।
