रोहतक के महम चौबीसी के गांव फरमाणा में मंगलवार को कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान के सुसाइड केस को लेकर महापंचायत हुई। करीब 5 घंटे चली पंचायत में दोनों पक्षों की बातें सुनी गईं। इसके बाद शीलू बल्हारा और उसके परिवार को माफ करने का फैसला लिया गया।
हालांकि, पंचायत ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। शर्तों के मुताबिक 10 दिन के भीतर मुस्कान के बेटे हार्दिक बल्हारा के नाम पर बहुअकबरपुर में डेढ़ एकड़ में फैली अकादमी, 450 वर्गगज का प्लॉट और मकान कराया जाएगा। इसके अलावा बच्चे के नाम पर 50 लाख रुपये की एफडी भी कराई जाएगी।
इन शर्तों को पूरा कराने की जिम्मेदारी बहुअकबरपुर गांव के सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान नंबरदार ने ली है।
मुस्कान के परिवार ने रखी बेटी का कसूर बताने की मांग
पंचायत की अध्यक्षता फरमाणा के पूर्व सरपंच सतीश कुमार ने की। पंचायत की शुरुआत में मुस्कान के परिवार ने साफ कहा कि पहले उनकी बेटी का कसूर बताया जाए। जब तक वे इससे संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक कोई फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद अलग-अलग कमेटियां बनाई गईं। कमेटी के फैसलों पर कई बार मुस्कान के परिजन सहमत नहीं हुए। वहीं दूसरी तरफ से भी कुछ आपत्तियां सामने आईं।
दोपहर 12 बजे शुरू हुई पंचायत शाम करीब 5 बजे तक चली। अंतिम कमेटी के फैसले पर मुस्कान के परिजनों, ग्रामीणों और दूसरे गांवों से आए लोगों से सलाह-मशविरा किया गया। इसके बाद निर्णय को स्वीकार कर लिया गया।
10 दिन का समय लेने थाने जाएगी पंचायत
पंचायत में यह भी फैसला लिया गया कि बुधवार को दोनों पक्षों की पंचायत बहुअकबरपुर थाने जाएगी। पुलिस को पत्र देकर 10 दिन का समय मांगा जाएगा।
पंचायत के मुताबिक शर्तें पूरी होने के बाद मामले में आगे का फैसला लिया जाएगा।
पंचायत से दूर बैठाया गया था शीलू का परिवार
बताया गया कि पंचायत की शुरुआत में शीलू और उसके परिवार को अलग जगह बैठाया गया था। ग्रामीणों को आशंका थी कि उन्हें देखकर माहौल गर्म हो सकता है।
बाद में फरमाणा के ग्रामीणों ने शीलू और उसके परिवार के चारों सदस्यों को पंचायत में बुलाने की मांग की। उनसे माफी मांगने को कहा गया। परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग बात रखी और माफी मांगी। इसके बाद पंचायत ने उन्हें माफ कर दिया।
शीलू का घर बसाने का भी प्रयास होगा
पंचायत अध्यक्ष पूर्व सरपंच सतीश कुमार ने कहा कि शर्तें पूरी होने के बाद शीलू का घर बसाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शीलू चाहे तो आगे कहीं और शादी भी कर सकता है।
मुस्कान के बेटे हार्दिक को बहुअकबरपुर में शीलू और उसके परिवार की देखरेख में रखने की बात भी पंचायत में कही गई।
‘गांव ने शीलू को माफ कर मिसाल पेश की’
बहुअकबरपुर के सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान बल्हारा ने कहा कि महम चौबीसी अठगामा की पंचायत ने शीलू और उसके परिवार को बिना किसी लोभ-लालच के माफ किया है। उन्होंने इसे एक मिसाल बताया।
पंचायत में करीब 36 खापों के प्रधान और प्रतिनिधि पहुंचे। उन्होंने भी इस फैसले को महत्वपूर्ण बताया। पंचायत के दौरान दोनों परिवारों के बीच गिले-शिकवे दूर कराने का प्रयास किया गया।
पंचायत में बहुअकबरपुर अठगामा प्रधान धर्मबीर, सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान बल्हारा, महम चौबीसी सर्वखाप प्रधान सुभाष नंबरदार, राय बहादुर आहुलाना बारह प्रधान, पूर्व चेयरमैन नरेश, सरपंच जितेंद्र, सरपंच प्रतिनिधि लाला, मोखरा के सरपंच नीटू, फरमाणा-बादशाहपुर के सरपंच सोमबीर सहित कई पंचायत प्रतिनिधि और खापों के प्रधान मौजूद रहे।
