भिवानी/हरियाणा। हरियाणा में गायों के बीच लम्पी वायरस का संक्रमण गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में अब तक 150 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 15 हजार गोवंश के संक्रमित होने की बात सामने आई है। लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच पशुपालन विभाग के वैक्सीनेशन और बीमारी की रोकथाम के इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार लम्पी वायरस का असर अब केवल गोशालाओं तक सीमित नहीं है। बेसहारा गोवंश के जरिए संक्रमण शहरों की कॉलोनियों और गलियों तक पहुंचने की बात कही जा रही है। अलग-अलग क्षेत्रों से संक्रमित गायों की सूचना मिलने के कारण पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
भिवानी में हालात चिंताजनक
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भिवानी के आइसोलेशन सेंटर में ही 105 गायों की मौत हो चुकी है। वहीं बड़ी संख्या में गाय बीमारी से जूझ रही हैं। ऐसे में संक्रमित पशुओं को समय पर अलग करने, उपचार उपलब्ध कराने और संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने की चुनौती बढ़ गई है।
लम्पी वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सबसे बड़ा सवाल बीमारी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान की प्रभावशीलता और पहुंच को लेकर उठ रहा है। पशुपालकों के लिए भी जरूरी है कि गाय में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे स्वस्थ पशुओं से अलग रखें और तत्काल पशु चिकित्सक या संबंधित विभाग से संपर्क करें।
प्रदेश में सामने आ रहे आंकड़े स्थिति की गंभीरता की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में संक्रमण, मौतों और टीकाकरण को लेकर पशुपालन विभाग के आधिकारिक एवं अद्यतन आंकड़े सामने आना भी जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
