रोहतक, 6 अगस्त 2026। आजकल मोबाइल पर झुके रहना, मैदानों की जगह कमरे में बंद रहना और जंक फूड खाना हमारी आदत बन गई है। नतीजा यह है कि 10 साल के बच्चे की कमर में दर्द और 30 साल के युवा के घुटनों में तकलीफ आम हो गई है। अगर समय रहते हम अपनी जीवनशैली नहीं बदलते तो आने वाले सालों में हड्डियों और जोड़ों की बीमारियां हमारे लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाएंगी। यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल का। वें शुक्रवार को ओपीडी में हड्डी रोग विभाग द्वारा मनाए गए बोन एंड ज्वाईंट सप्ताह के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के तौर पर उपस्थित हुए थे।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि हमारी हड्डियां और जोड़ हमारे शरीर की नींव हैं। नींव मजबूत होगी तभी हमारा शरीर, हमारा परिवार और हमारा समाज मजबूत रहेगा। डॉ. अग्रवाल ने इस मौके पर स्वस्थ हड्डी, स्वस्थ जोड़, स्वस्थ इंसान, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ भारत का नारा भी दिया। उन्होंने कहा कि आज हड्डी और जोड़ों की बीमारियां विकलांगता का बड़ा कारण बन रही हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि इनमें से ज्यादातर समस्याओं को हम थोड़ी जागरूकता और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव से रोक सकते हैं। रोजाना थोड़ा व्यायाम करना, सही समय पर सोना और उठना, हरी सब्जी और दूध लेना, धूप में बैठना और चोटों से बचाव करना ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है। कुलपति ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रहें बल्कि समाज में स्वास्थ्य का संदेश फैलाने वाले दूत भी बनें।
हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष एवं कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने बताया कि इस सप्ताह को सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं रखा गया है। इसी कड़ी में कल विभाग की टीम ने गांधी कैंप के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में जाकर बच्चों की जांच की। वहां लगभग 80 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई और उन्हें खेलने, कसरत करने, योग करने, हरी सब्जी खाने और रोज एक गिलास दूध पीने के लिए प्रेरित किया गया। डाॅ. रूपसिंह ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में झुककर चलना, बार-बार गिरना या हड्डियों में दर्द जैसी शिकायत दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देर करने से छोटी समस्या भी बड़ी बन जाती है।
कार्यकारी निदेशक एवं डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ ने कहा कि पीजीआईएमएस की जिम्मेदारी केवल इलाज करना नहीं है बल्कि लोगों को बीमारियों से बचाना भी है। इसी सोच के साथ इस तरह के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को समय पर सुविधा मिले इसके लिए सभी व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा रहा है।
कार्यक्रम में आने पर सभी का स्वागत करते हुए डाॅ. आशीष देवगन ने कहा कि सुबह की 20 मिनट की धूप, दूध, दही और हरी सब्जियां हड्डियों को मजबूत रखने में बहुत मदद करती हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान बोन एंड जॉइंट वीक के तहत कराई गई पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में पहला स्थान ईशिका और योगिता, दूसरा स्थान आंचल और तीसरा स्थान प्रेरणा ने प्राप्त किया।
जनसम्पर्क विभाग के सीनियर प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. मंजुनाथ बी.सी. ने बताया कि आजकल बच्चों और बुजुर्गों दोनों में विटामिन-डी की कमी बहुत बढ़ गई है। धूप न मिलना और खानपान ठीक न होना इसकी सबसे बड़ी वजह है।
कार्यक्रम में मंच का संचालन जनसम्पर्क विभाग के इंचार्ज एवं प्रोफेसर डॉ. उमेश यादव ने किया। डाॅ. उमेश ने कहा कि बोन एंड जॉइंट वीक 8 अगस्त तक चलेगा और इस दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में और शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने सबसे अपील की कि अपने घर में बुजुर्गों और बच्चों की हड्डियों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि स्वस्थ हड्डी होगी तभी स्वस्थ भारत बनेगा। इस अवसर पर स्पोर्ट्स इंजरी विभागाध्यक्ष डॉ राजेश रोहिल्ला,डॉ. जितेंद्र वाधवानी, डॉ. मोहित, डॉ. सुनील, डॉ. आदित्य, डॉ. सिंपल, डॉ. भावना, डॉ. गीतांजलि , वजीर सिंह, संजय सिंहमार, धर्मेंद्र गोठवाल सहित विभाग के सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




