प्रेमानंद महाराज पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक मॉल के अंदर विजेता दहिया से कथित धक्का-मुक्की और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक उनसे प्रेमानंद महाराज पर दिए गए बयान और आंदोलन से दूरी को लेकर सवाल पूछते नजर आते हैं।
इस पूरे विवाद पर से बातचीत में विजेता दहिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह सोमवार रात जंतर-मंतर से लौट रहे थे और केवल टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए मॉल में रुके थे। इसी दौरान पहले एक युवक सामान्य बातचीत करने लगा, लेकिन बाद में गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
विजेता दहिया का कहना है कि हमला इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने प्रेमानंद महाराज के एक पुराने बयान का विरोध किया था। उनका आरोप है कि प्रेमानंद महाराज ने आसाराम की तुलना भगवान राम और श्रीकृष्ण से की थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था। उन्होंने कहा, “अगर प्रेमानंद गलत बोलेंगे तो मैं उनका विरोध करूंगा। चाहे मुझे मार दिया जाए, फिर भी मैं उन्हें महाराज नहीं कहूंगा। यह मेरी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।”
वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में दो युवक विजेता दहिया से सवाल करते हैं कि जब आंदोलनकारी छात्र पुलिस कार्रवाई झेल रहे हैं तो वह मॉल में क्या कर रहे हैं। युवक यह भी कहते सुनाई देते हैं कि “तुमने मेरे भगवान को गाली दी।” वहीं विजेता दहिया जवाब देते हैं कि उन्होंने किसी को गाली नहीं दी और वह आंदोलन स्थल पर ही जाने वाले थे। वीडियो में कथित धक्का-मुक्की भी दिखाई देती है।
बर्गर वीडियो पर भी दी सफाई
हाल ही में वायरल हुई बर्गर खाने की वीडियो पर विजेता दहिया ने कहा कि इसे बेवजह मुद्दा बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि पहले भी आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों की खाने-पीने की वीडियो वायरल हुई थीं और तब उन्होंने उनका बचाव किया था।
पार्टी से हटाए जाने पर क्या बोले?
विजेता दहिया ने बताया कि उन्हें अभिजीत आशुतोष का फोन आया था, जिसमें उन्हें CJP के प्रवक्ता पद से हटाए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अब भी पार्टी के सदस्य हैं और व्यक्तिगत रूप से आंदोलन का समर्थन करते रहेंगे।
‘सारा खर्च अपनी जेब से किया’
दहिया ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान उन्होंने बिना किसी आर्थिक मदद के अपनी जेब से खर्च किया और कई आय वाले प्रोजेक्ट भी छोड़ दिए। उनका कहना है कि वह किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि आंदोलन के समर्थन में काम कर रहे थे।
पुलिस शिकायत पर भी दिया जवाब
मारपीट की घटना पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के सवाल पर विजेता दहिया ने कहा कि उन्हें पुलिस कार्रवाई की उम्मीद नहीं है। इसलिए उन्होंने फिलहाल कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
नोट: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं और मामले में आधिकारिक पुलिस कार्रवाई की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
