जींद का रहने वाला सीआरपीएफ सिपाही नरेंद्र कुमार (38) ऊधमपुर में शहीद हो गया। उनको ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आ गया था। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर जींद पहुंचा। यहां पटियाला चौक के पास श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ नरेंद्र कुमार को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। सेना के जवानों के अलावा स्थानीय पुलिस और काफी संख्या में लोग शामिल हुए।

शहीद नरेंद्र कुमार के बड़े भाई बिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि 12 साल पहले नरेंद्र सीआरपीएफ में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुआ था। नरेंद्र बास्केट बॉल का इंटरनेशनल प्लेयर था। वह नेशनल में पांच गोल्ड और स्टेट में छह साल तक चैम्पियन रहा। नरेंद्र कुमार भर्ती होने के बाद बंगलुरु, श्रीनगर, पिंजौर, पिंजुखिया, गुवाहाटी आसाम, छत्तीसगढ़, जम्मू तथा झारखंड में ड्यूटी रही। फिलहाल वह ऊधमपुर में तैनात थे।

एक दिसंबर को 15 दिन की छुट्टी पर नरेंद्र घर आया था। इसके बाद 15 दिसंबर को ड्यूटी पर चले गए थे। नरेंद्र छह साल तक कोबरा कंमाडो रहे। झारखंड और असम में कोबरा कमांडो के रूप में ड्यूटी पर रहे। बिजेंद्र यादव ने बताया कि नरेंद्र ने 9 साल की उम्र में ही बास्केटबाल खेलना शुरू कर दिया था।

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