इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने हरियाणा की रेसलर विनेश फोगाट के बढ़े वजन से पल्ला झाड़ लिया है। इस बारे में IOA की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा- ”वजन का मैनेजमेंट करना खिलाड़ी और कोच की जिम्मेदारी है।
खासकर कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और जूडो जैसे खेलों में। इनमें एथलीटों के वजन मैनेजमेंट की जिम्मेदारी प्रत्येक एथलीट और उसके कोच की है, ना कि IOA द्वारा नियुक्त चीफ मेडिकल अफसर डॉ. दिनशॉ पारदीवाला और उनकी टीम की।”

विनेश फोगाट ने पेरिस ओलिंपिक में 50kg भार वर्ग में हिस्सा लिया था। जापान की ओलिंपिक चैंपियन समेत एक दिन में 3 पहलवानों को हराने के बाद वह सेमीफाइनल में पहुंची थी। हालांकि फाइनल वाले दिन की सुबह उनका 100 ग्राम वजन ज्यादा आया। जिसके बाद उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया।
विनेश न केवल फाइनल मुकाबला खेलने से वंचित हुई बल्कि सिल्वर मेडल से भी चूक गई। हालांकि सिल्वर मेडल के लिए विनेश ने खेल कोर्ट (CAS) में अपील की है। जिस पर 13 अगस्त को फैसला आएगा।
डॉ. उषा ने कहा कि आईओए मेडिकल टीम, विशेषकर डॉ. पारदीवाला की निंदा करना उचित नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आईओए की मेडिकल टीम पर निर्णय लेने की जल्दबाजी करने वाले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों पर विचार करेंगे।
