भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीत लिया है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव की रहने वाली पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की पैरा शॉट पुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी स्पर्धा में भारत की शिल्पा के. शायला ने कांस्य पदक जीता।
शर्मिला धनखड़ का यह सफर संघर्ष और हौसले की मिसाल है। बचपन में पोलियो से एक पैर प्रभावित होने, आर्थिक तंगी और निजी जीवन की कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2023 में ट्रेनिंग का खर्च जुटाने के लिए उन्होंने अपना घर तक बेच दिया था। आज उसी मेहनत ने उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल दिलाया है।वहीं, पुरुष हाई जंप फाइनल में भारत के सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।
वेटलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। अजय बाबू ने पुरुष 79 किलोग्राम वर्ग में कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और गोल्ड से केवल 1 किलोग्राम पीछे रहे। ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर, जबकि बिंदियारानी देवी ने 58 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
इन उपलब्धियों के साथ भारत के खाते में अब कुल 10 पदक हो चुके हैं और पदक तालिका में भारतीय टीम आठवें स्थान पर पहुंच गई है।भारत के खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन से देशभर में खुशी की लहर है और खेल प्रेमी भारतीय दल से आगे भी ऐसे ही दमदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।
