सोनीपत/गोहाना। भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक्स-रे फिल्मों के बंडल को कथित तौर पर बाहर ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। अस्पताल भवन के पीछे तीन बाहरी व्यक्तियों को एक्स-रे फिल्मों के बंडल कार में रखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया। घटना CCTV कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार मामला 2 सितंबर का है। अस्पताल के पीछे की तरफ मौजूद सुरक्षाकर्मियों की नजर तीन बाहरी व्यक्तियों पर पड़ी, जो कथित तौर पर एक्स-रे फिल्मों का बंडल एक कार में रख रहे थे। संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और कार में रखा बंडल उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया।
चिकित्सा अधीक्षक को दी गई शिकायत
मामला सामने आने के बाद की ओर से इसकी जानकारी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक (MS) को दिए जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद मामले में क्या विभागीय कार्रवाई की गई और एक्स-रे फिल्मों के बंडल बाहरी व्यक्तियों तक कैसे पहुंचे, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल की सामग्री बाहर ले जाने की अनुमति किसने दी थी? यदि अनुमति नहीं थी तो एक्स-रे फिल्मों के बंडल अस्पताल भवन से कार तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे किसकी भूमिका थी?
प्रशासन की चुप्पी से उठ रहे सवाल
मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं किए जाने के कारण कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की जा रही है कि एक्स-रे फिल्मों को बाहर ले जाने के पीछे क्या उद्देश्य था और इसमें अस्पताल से जुड़े किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका थी या नहीं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार या चोरी का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला अनियमितता का था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

