पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर में पंजाबी गायक मनकीरत औलख का नाम आने पर उनकी कॉलेज की फ्रेंड सिमरनजीत गिल ने सवाल खड़ा किया है कि मनकीरत ने बिश्नोई (लॉरेंस) को पोस्ट में भाई लिख कर क्या गुनाह किया। उस समय किसी को नहीं पता था कि ये गैंगस्टर बनेगा। साथ ही कहा कि पंजाब को पंजाब रहने दें, मिर्जापुर मत बनाएं। पुराने जानकार होना किसी को किसी के बुरे कर्मों का दोषी नहीं बना सकता।
सिमरनजीत गिल, जो कि एक वकील है, ने अपने फेसबुक पेज पर मनकीरत औलख के गैंगस्टर लॉरेंस के साथ रिश्तों को लेकर पोस्ट किया है। बता दें कि 29 मई को हुई मूसेवाला की हत्या के लिए पंजाबी गायक मनकीरत का नाम भी आया है और कई गैंग ने उनकी हत्या की धमकी दी है। हालांकि इससे पहले मनकीरत भी सफाई दे चुके हैं कि उनका मूसेवाला मर्डर से कोई लेना देना नहीं है। अब उनकी कॉलेज फ्रेंड भी बचाव में आयी है।
सिमरनजीत गिल ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि मनकीरत को एक गिरोह धमका रहा है और कुछ मीडिया द्वारा उनकी पुरानी तस्वीरों को वायरल कर प्रचार किया जा रहा है और अब उन्हें बिश्नोई (लॉरेंस) गैंग का हिस्सा बना रहा है। हम सब जब पंजाब यूनिवर्सिटी में थे, तो हम सब एक दूसरे को जानते थे और हम सब की एक पार्टी थी SOPU…। एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। फिर हम कुछ लोग बरिंदर भाई और गोल्डी भाई के साथ एनएसयूआई के साथ चले गए। विक्की और रोबिन ब्रांड एसओआई में चले गए, लेकिन हम सबके निजी तौर पर रिश्ते भी रहे।
इसी दौरान बिश्नोई व अन्य लोग लड़ाई-झगड़ों में ज्यादा शामिल रहने के कारण अपराध की तरफ बढ़ गए और सोपू उनकी पार्टी ही बन कर रह गई। मनकीरत औलख, हर्फ चीमा और विनयपाल बुट्टर अपनी कलाकारी में हिट हो गए। इस तरह सभी दोस्त अपने अपने रास्ते चुनकर अपने-अपने मकसद को आगे बढ़ते गए।
पुराने जानकार होना किसी को किसी के बुरे कर्मों का दोषी नहीं बना सकता। 2011-12 में हम सब एक ही पार्टी में थे आज सब के रास्ते अलग हैं। यदि मनकीरत ने अपनी पोस्ट में बिश्नोई को भाई लिखा तो क्या गुनाह कर दिया। उस समय उसको भी पता नहीं था कि यह लड़का भविष्य में गैंगस्टर बनेगा।
उन्होंने आगे लिखा कि पहले गुरलाल को मारा गया, फिर विक्की मिडडू खेड़ा का कत्ल हुआ। जो आम घरों से आए थे और अपने आप को एक मुकाम तक ले कर गए। फिर अब बेरहमी से उसको (मूसेवाला) मार दिया गया, जिसने गरीबी से निकल कर मेहनत करके नाम कमाया और कनाडा से वापस पंजाब आकर टिब्बों का पुत्र बना। जिसका गैंग से दूर-दूर का कोई वास्ता नहीं था।

अब गैंग मनकीरत को धमकियां दे रहे हैं कि अब उसको मार देंगे। मनकीरत को हमने आंखों देखा है मेहनत करते हुए। वह भी एक आम परिवार से मेहनत कर के ऊपर उठा। अब उसकी पुरानी फोटो गलत तरीके से वायरल करके और विक्की भाई व शुभदीप मूसेवाला के कत्ल को जोड़कर तथा गैंगस्टरों के कारनामों को हवा देकर गलतफहमी फैलाई जा रही है।
जबकि दोनों के कत्ल गैंगस्टरों द्वारा किया गया। दिवंगत सिद्धू के बापू के आंसुओं की ही इज्जत रख लें, जो कह रहे हैं कि उनके बेटे को किसी भी गैंगवार से ना जोड़ा जाए। गैंगस्टर को उत्साह देने वाले गीतों पर भी रोक लगाई जाए। पंजाब को पंजाब रखो, मिर्जापुर मत बनाओ।
