रोहतक के IMT स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक (STP) में गैस चढ़ने से मरे दोनों युवकों का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने दोनों मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपए कंपनी द्वारा दिए जाने की मांग की, जबकि कंपनी 25 लाख रुपए देने पर राजी नहीं है। जिसके कारण ग्रामीणों में रोष है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह जाम लगा देंगे। ग्रामीणों के विरोध को बढ़ता देख एसडीएम भी पीजीआई में पहुंच गए हैं। भारी पुलिस को भी पीजीआई में तैनात किया गया है।ग्रामीणों ने कहा कि शनिवार रात को कंपनी से रुपए देने की बात हुई थी, लेकिन अब वह पीछे हट रही है। जिस कारण वह असंतुष्ट हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती है शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराएंगे।

उधर, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए परिजनों की सहमति का इंतजार कर रही है। परिजनों द्वारा सहमति देने के बाद ही पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। जब तक परिवार वाले पोस्टमार्टम के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा।

प्राथमिक जांच के अनुसार, बिना सुरक्षा उपकरणों के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में खराब हुई मोटर निकालने के लिए दोनों उतारे थे। परिवार वालों का आरोप है कि दोनों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर टैंक में उतारा था। जब वे नीचे उतरे तो गैस चढ़ने के कारण पानी में गिर गए और दोनों की मौत हो गई। जिनके शवों को करीब 5-6 घंटे में निकाला गया।

मृतकों की पहचान गांव अटायल निवासी करीब 23 वर्षीय देवेंद्र व करीब 21 वर्षीय रूपक के रूप में हुई है। दोनों ही चचेरे भाई थे और आपस में अच्छे दोस्त भी थे। दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में माली के पद पर अनुबंध पर नौकरी करते थे। माली की नौकरी करते हुए भी दोनों को मोटर निकालने के लिए टैंक में उतार दिया।

दोनों युवकों की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिजन और गांव अटायल के ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने नौकरी से हटाने की धमकी देकर बिना सुरक्षा उपकराणों के टैंक में उतारने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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