आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन हरियाणा 1996 सम्बन्धित एआईयूटीयूसी ने अपनी मांगों को लेकर आज प्रदेशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किये हैं। इसी कड़ी में जिला रोहतक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने पहले मानसरोवर पार्क में इकट्ठे होकर वहाँ जनसभा की और वहाँ से लघुसचिवालय पहुंच कर यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त रोहतक को दिया गया। निदेशक, महिला व बाल विकास विभाग हरियाणा के नाम पीओ, रोहतक को भी ज्ञापन दिया गया।

प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए यूनियन की महासचिव पुष्पा दलाल ने कहा कि हरियाणा सरकार के बजट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के हितों की एक बार फिर पूरी तरह से अनदेखी हुई है। उन्होंने इसे एक काला बजट करार दिया।
यूनियन नेत्री ने अत्यन्त आश्चर्य व विक्षोभ के साथ बताया कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री की घोषणा पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 1,500₹ और सहायिका को 750₹ महीना की बढोतरी की रकम का हरियाणा सरकार ने आजतक भुगतान नहीं किया है। जबकि केन्द्र सरकार इस रकम का भुगतान हरियाणा सरकार को कर चुकी है। इसी तरह,गत वर्ष हड़ताल के दौर के चार महीने के मेहनताने में जोर-जबरदस्ती 75 प्रतिशत की कटौती कर ली गई थी। बजट में उपरोक्त रकम के भुगतान की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हमारे आंगनवाड़ी केन्द्रों का किराया एक-एक साल तक नहीं दिया जाता। बच्चों के पोषाहार बनाने के लिए गैस सिलेंडर भी कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से भरवाने पड़ते हैं। आवाज उठाने पर हमें एक ही बात बताई जाती है कि इसके लिए विभाग के पास पैसा नहीं आया है। साल दर साल सरकार का यही रवैया होता है। क्या सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से भी गरीब है।
यूनियन की जिला प्रधान रोशनी चौधरी ने बताया कि पोषण ट्रैकर एप से रिपोर्ट भेजने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर बहुत भारी नाजायज दवाब बनाया जाता है जबकि इसके लिए विभाग की ओर से मोबाइल या टैब की कोई व्यवस्था नहीं है। रटा-रटाया एक ही जवाब दिया जाता है कि जल्दी ही इन्तजाम किया जायेगा। रोषपूर्वक उन्होंने कहा कि इस बजट में भी ऑनलाइन रिपोर्ट भेजने के लिए आवश्यक उपकरण के लिए धनराशि की व्यवस्था नहीं की गई है।
नतीजतन, आंगनवाड़ी कर्मियों को आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। आंगनवाड़ी कर्मियों के प्रति सरकार के इस उपेक्षापूर्ण और बेपरवाह रवैये का यूनियन नेत्रियों ने कड़ा विरोध किया। सभी में इस पर बहुत भारी रोष है।
यूनियन महासचिव पुष्पा दलाल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आंगनवाड़ी स्कीम के लिए जरूरी धनराशि का इन्तजाम इस बजट में नहीं किया तो उन्हें अपना आन्दोलन तेज करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
इस मौके पर एआईयूटीयूसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सत्यवान ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित कर उनकी मांगों के संघर्ष को पूरा समर्थन दिया।
आंगनवाड़ी यूनियन ने प्रदेश की बच्चियों व महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के लिए उपयुक्त कदम उठाने की भी जोरदार मांग की।
