हरियाणा सरकार ने ग्रुप-सी और डी के नियमित कर्मचारियों को राहत दी है। कोई कर्मचारी छुट्टी वाले दिन (जैसे रविवार या राष्ट्रीय अवकाश) ड्यूटी पर जाता है, तो वह अगले एक महीने के भीतर मनचाहे किसी भी दिन कॉम्प ऑफ (छुट्टी) ले सकेगा। यह कॉम्प ऑफ संबंधित छुट्टियों और स्टेशन लीव के साथ भी लिया जा सकता है।
अधिसूचना के मुताबिक किसी भी हालत में कॉम्प ऑफ कुल 16 दिनों से ज्यादा नहीं मिलेंगे। एक महीने में कॉम्प ऑफ नहीं लिया तो वह एक्सपायर हो जाएगा। इसके साथ अगर उस दिन के बदले में पैसे (वित्तीय प्रोत्साहन) दिए जा चुके हैं या दिए जाने वाले हैं, तो कॉम्प ऑफ नहीं मिलेगा।
सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2016 में संशोधन की भी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार अब सभी नियमित महिला कर्मचारियों को हर साल 25 आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) मिलेंगे। 30 जून से पहले नियुक्त होने वाली नियमित महिला कर्मचारियों को अब 20 के स्थान पर 25 और पुरुष कर्मचारियों को 10 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे।
30 जून से 30 सितंबर के बीच नियुक्त होने वाली महिला कर्मचारियों को 12 और पुरुष कर्मचारियों को 5 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। वहीं, 30 सितंबर के बाद नियुक्त होने वाली महिला कर्मचारियों को 6 और पुरुष कर्मचारियों को 2 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे।
इसके अलावा, 30 नवंबर के बाद नियुक्त होने वाली महिला कर्मचारियों को 3, जबकि पुरुष कर्मचारियों को एक आकस्मिक अवकाश मिलेगा।
10 साल की सेवा के दौरान पुरुष कर्मचारियों को 10 दिन, 10 साल से अधिक लेकिन 20 साल से कम की सेवा पर 15 दिन और 20 साल की सेवा के बाद 20 का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। कर्मचारी जिस साल में 10 या 20 साल की सेवा पूरी करेगा, वह उसी साल से यह बढ़े हुए अवकाश लेने का हकदार होगा।
इसके अलावा सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसका परिवार या तो दो साल के लिए किराया भत्ता ले सकेगा या सामान्य लाइसेंस फीस के भुगतान पर दो साल के लिए सरकारी आवास रख सकेगा। यदि मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार द्वारा स्वेच्छा से सरकारी आवास दो साल से पहले सुपुर्द कर दिया जाता है तो शेष अवधि के किराया भत्ता नहीं मिलेगा।

