हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर मंगलवार (30 जून) को सेवा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी रिटायरमेंट सामान्य नहीं है। 661 करोड़ रुपये के IDFC First Bank–AU Small Finance Bank कथित घोटाले की सीबीआई जांच में नाम आने के बाद डागर फिलहाल जांच एजेंसी की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। गिरफ्तारी की आशंका के बीच उन्होंने पंचकूला जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 2 जुलाई को सुनवाई होनी है।

हरियाणा सरकार ने 8 अप्रैल 2026 को प्रदीप डागर को निलंबित कर दिया था। ऐसे में यह प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास का संभवतः पहला मामला माना जा रहा है, जब एक निलंबित आईएएस अधिकारी की रिटायरमेंट हो रही है और उसके खिलाफ सीबीआई जांच जारी है। गिरफ्तारी की आशंका के चलते इस बार उनके सम्मान में कोई औपचारिक विदाई समारोह भी आयोजित नहीं किया गया।

HSPCB के खातों में 169 करोड़ की गड़बड़ी

सीबीआई जांच के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के बैंक खातों में 169 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ। इस मामले में गिरफ्तार किए गए एक डाटा एंट्री ऑपरेटर ने पूछताछ में दावा किया कि एक आईएएस अधिकारी के निर्देश पर यह राशि चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC First Bank शाखा में ट्रांसफर की गई थी। प्रदीप डागर अगस्त 2022 से दिसंबर 2025 तक HSPCB में मेंबर सचिव के पद पर तैनात रहे थे।

शेल कंपनियों के जरिए निकाली गई रकम

जांच एजेंसियों के अनुसार बैंक अधिकारियों से जुड़ी शेल कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि बाहर निकाली गई। सीबीआई ने प्रदीप डागर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत जांच की मंजूरी ली है। मामले में तत्कालीन चेयरमैन विनीत गर्ग भी जांच के दायरे में हैं।

CBI की नजर, 2 जुलाई को अहम सुनवाई

सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ हो चुकी है। प्रदीप डागर को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे लंबे समय से जांच एजेंसी की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। अब उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर 2 जुलाई को सुनवाई होगी। अदालत से राहत नहीं मिलने पर सीबीआई की कार्रवाई और तेज हो सकती है।

करोड़ों की संपत्ति, अधिकांश पत्नी के नाम

2025-26 के इमूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) के अनुसार प्रदीप डागर के पास रोहतक और गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति है। रोहतक में 3,181 वर्ग गज जमीन की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये दर्शाई गई है। वहीं गुरुग्राम में तीन प्रॉपर्टी दर्ज हैं, जिनमें से दो पत्नी के साथ संयुक्त स्वामित्व में और एक पूरी तरह पत्नी के नाम है। सबसे चर्चित संपत्ति एटलस प्लेटिनम टावर्स का लग्जरी फ्लैट है, जिसकी घोषित कीमत 3.34 करोड़ रुपये है। हालांकि, फ्लैट की खरीद की तारीख संपत्ति विवरण में दर्ज नहीं है।

नोट: इस मामले में जांच अभी जारी है। प्रदीप डागर पर लगे आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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