रोहतक में ओलावृष्टि के कारण फसलों में काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद जब किसान व किसान सभा के लोग खेतों में पहुंचे तो फसलों की हालत देखकर नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजे की मांग की। साथ ही किसान सभा ने कहा कि स्पेशल गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा नहीं दिया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

गांव कारोर के सरपंच महिपाल ने कहा कि ओलावृष्टि के कारण पूरे गांव की फसल बर्बाद हो गई। एक एकड़ फसल भी नहीं बची। किसानों को पोर्टल की जानकारी कम हैं। इसलिए अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे और गिरदावरी करें। जिसके बाद किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।

फसलें की बर्बाद किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह और सचिव बलवान सिंह ने कहा कि मार्च में हुई बारिश से सरसों और गेंहू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। किसान सभा के अनुसार गांव खरैंटी, भगवतीपुर, टिटोली, कारोर, चांदी और नजदीक के कई गांवों में शनिवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।

उन्होंने कहा कि किसान सारा खर्च वहन कर चुका है। फसलों की बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। जिससे किसान बड़ा आर्थिक नुकसान उठाने को मजबूर है। किसान सभा महासचिव सुमित दलाल ने कहा की सरकार क्षतिपूर्ति पोर्टल और रजिस्ट्रेशन की अड़चने लगाने की बजाय बर्बाद फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाए। सरकार अपने अधिकारियों को निर्देश दे कि वे किसानों को सूचित कर गांव में जाएं और किसानों के नुकसान का सही आकलन करें।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हुए नुकसान की पूरी भरपाई जल्द करे। किसान सभा ने पिछले नुकसान को अभी तक दर्ज ना करने पर भी रोष प्रकट किया। साथ ही सरकार की वर्तमान मुआवजा नीति को भी नाकाफी बताते हुए 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। चेतावनी भी दी कि अगर जल्द ही किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो किसान सभा आंदोलन करने को मजबूर होगी।

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