हरियाणा के झज्जर जिले के सुबाणा गांव की रेणु हरिवंशी 273 किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर रही हैं। पेशे से सरकारी नर्स रहीं रेणु का संकल्प है कि नवरात्रों तक राजस्थान के सीकर जिले में बाबा खाटूश्याम के दर्शन करना है।
वह रोज 2 से 3 किलोमीटर का सफर तय कर रही हैं। 5 जुलाई को यात्रा शुरू हुई। अभी वह श्रीमाधोपुर शहर में हैं। वह सड़क पर चलने के बजाय जमीन पर दंडवत प्रणाम करते हुए एक-एक कदम आगे बढ़ा रही हैं। घुटनों और हाथ-पैरों में दर्द व थकान के बावजूद उन्होंने यात्रा जारी रखी है।
रेणु के साथ उनके पति समेत 15 लोग चल रहे हैं, जो रास्ते में उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने पूरी यात्रा बिना गद्दे के दंडवत करते हुए पूरी करने का संकल्प लिया है। प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ले चुकीं रेणु अपनी किसी मन्नत के लिए नहीं बल्कि जरूरतमंदों की सेवा और गौ रक्षा की कामना के लिए यात्रा कर रही हैं।

रेणु का लक्ष्य नवरात्रों तक खाटूश्यामजी पहुंचना है। बाबा श्याम के दर्शन के बाद वह सालासर के लिए पदयात्रा करेंगी। इससे पहले वह ब्रज चौरासी कोस की चार पैदल यात्राएं भी कर चुकी हैं। रेणु ज्यादा बात नहीं करतीं। इतना ही कहती हैं-ये एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि वर्षों पुराने संकल्प, आस्था और सेवा भावना की अगली कड़ी है।
रेणु का कहना है कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल बाबा श्याम के दर्शन करना नहीं है। वह इस यात्रा के जरिए जनकल्याण, गौ रक्षा और सनातन धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश भी दे रही हैं। उनका कहना है कि लोगों को जरूरतमंदों की सेवा और गौ रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
