हरियाणा में ब्यास-सतलुज लिंक (BSL) के पानी को लेकर सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट को देखते हुए पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने इस मुद्दे पर स्टेट लेवल बैठक बुलाई है।
इस बैठक में विभागीय मंत्री रणबीर गंगवा के साथ सीनियर से लेकर फील्ड लेवल तक के अधिकारी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि राज्य को BSL से 4 मार्च से लगातार पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है, जिससे चिंता बढ़ गई है।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने इस मामले में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड को पत्र लिखकर पानी की सप्लाई बाधित होने के कारणों की जानकारी मांगी है और जल्द से जल्द पानी छोड़ने की मांग की है।
बैठक में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। इसके साथ ही अधिकारियों को शहरों में नालों और नालियों की सफाई कराने और सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए जाएंगे।

विभाग के अनुसार 4 मार्च से अब तक गेज रीडिंग शून्य दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि हरियाणा को इस अवधि में ब्यास-सतलुज लिंक (BSL) के माध्यम से कोई पानी नहीं मिला।
पत्र में यह भी कहा गया है कि BSL सिस्टम से पानी का प्रवाह पूरी तरह बंद होने के कारण प्रदेश को उसके हिस्से का पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे जल संकट की स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है।

विभाग के अनुसार 4 मार्च से अब तक गेज रीडिंग शून्य दर्ज की गई है, जिससे स्पष्ट है कि हरियाणा को इस अवधि में ब्यास-सतलुज लिंक (BSL) के माध्यम से कोई पानी नहीं मिला।
पत्र में कहा गया है कि BSL सिस्टम से पानी का प्रवाह पूरी तरह बंद होने के कारण प्रदेश को उसके हिस्से से कम पानी मिल रहा है, जिससे जल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

राज्य की जल आपूर्ति काफी हद तक व्यास और सतलुज नदियों पर निर्भर है, इसलिए पानी की कमी का असर राज्य की जरूरतों और दिल्ली-एनसीआर की सप्लाई पर पड़ सकता है।

विभाग ने यह भी बताया है कि SYL नहर का योगदान न होने के कारण हरियाणा मौजूदा सिस्टम से केवल 1.62 MAF पानी ही वहन कर पा रहा है। ऐसे में पानी की आपूर्ति में किसी भी तरह की कटौती राज्य के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
अंत में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से आग्रह किया गया है कि हरियाणा को उसका निर्धारित जल हिस्सा तुरंत जारी किया जाए और ब्यास-सतलुज लिंक (BSL) सुंदरनगर के माध्यम से पानी की सप्लाई शून्य स्तर तक कम न होने दी

लेटर में उल्लेख किया गया है कि 4 मार्च 2026 से ब्यास-सतलुज लिंक (BSL) के जरिए हरियाणा को पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है और लगातार गेज रीडिंग शून्य दर्ज की जा रही है। सिंचाई विभाग ने इस मामले में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से स्पष्टीकरण मांगा है।पत्र में आशंका जताई गई है कि राज्य को उसके हिस्से से कम पानी मिल रहा है। दरअसल, हरियाणा ब्यास और सतलुज नदियों के पानी पर काफी हद तक निर्भर है, जबकि SYL नहर का निर्माण न होने से जल वहन क्षमता पहले से ही सीमित बनी हुई है।ऐसे में पानी की कमी का असर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की जल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

लेटर में उल्लेख किया गया है कि 4 मार्च 2026 से ब्यास-सतलुज लिंक (BSL) के जरिए हरियाणा को पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है और लगातार गेज रीडिंग शून्य दर्ज की जा रही है। सिंचाई विभाग ने इस मामले में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से स्पष्टीकरण मांगा है।
पत्र में आशंका जताई गई है कि राज्य को उसके हिस्से से कम पानी मिल रहा है। दरअसल, हरियाणा ब्यास और सतलुज नदियों के पानी पर काफी हद तक निर्भर है, जबकि SYL नहर का निर्माण न होने से जल वहन क्षमता पहले से ही सीमित बनी हुई है।
ऐसे में पानी की कमी का असर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की जल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि बीबीएमबी ने टर्बाइनों के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए परामर्श सेवाएं प्रदान करने हेतु केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) से पहले ही संपर्क कर लिया है। मरम्मत और जीर्णोद्धार प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है, जिसके दौरान विद्युत प्रवाह को मोड़ने की क्षमता सीमित रह सकती है।

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