हरियाणा में 15 साल से ऊपर की उम्र पार कर चुके बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट में नाम जुड़वा सकते हैं। हरियाणा सरकार ने नियमों में ढील देते इस साल के अंत तक का समय दिया है। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी। 15 साल उम्र के बच्चों के पेरेंट्स बिना झंझट के नाम दर्ज करवा पाएंगे।

सरकार द्वारा जारी किए गए नियम से जन्म प्रमाणपत्र के खाली कॉलम में नाम लिखवाने की प्रक्रिया बहुत ही आसान हो गई है। इसमें नाम मात्र फीस अधिकतम 30 रुपए देकर नाम दर्ज करवाया जा सकता है।

पहले जन्म प्रमाणपत्र के खाली कॉलम में केवल जन्म से 15 वर्ष तक ही नाम दर्ज करवाया जा सकता था। ऐसे स्टूडेंट्स जिन्होंने बर्थ सर्टिफिकेट में नाम दर्ज नहीं करवाया था उनको अब दिक्कत आने लग गई थी। बर्थ सर्टिफिकेट ऐसा प्रमाण पत्र है जिसकी हर जगह जरूरत होती है।
आज लोग बर्थ सर्टिफिकेट को लेकर जागरूक हैं क्योंकि बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए इसे आवश्यक किया हुआ है, मगर पहले ऐसा नहीं था। पेरेंट्स इस जरूरी दस्तावेज के लिए ध्यान नहीं देते थे। मगर सरकार ने इसे जरूरी कर दिया है।
राज्य सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र की योजनाओं में आवेदन या पासपोर्ट आवेदन आदि में बर्थ सर्टिफिकेट के जरिए नाम और उम्र की तसल्ली की जाती है। सरकार के पास ऐसे कई अभिभावकों की शिकायतें पहुंच रही थी। जिसको देखते हुए हरियाणा सरकार ने यह राहत प्रदान की है। सैकड़ों ऐसे बच्चे हैं, जिनका अभी तक भी जन्म प्रमाणपत्र में नाम दर्ज नहीं है।
पहले जन्म प्रमाणपत्र के खाली कॉलम में केवल जन्म से 15 वर्ष तक ही नाम दर्ज करवाया जा सकता था, लेकिन सरकार द्वारा इस संबंध में 10 फरवरी 2021 में जारी अधिसूचना के अनुसार 15 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के नाम जिनके जन्म प्रमाण पत्र में नाम का कॉलम खाली हैं वो अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।
यह दस्तावेज जरूरी
- बर्थ सर्टिफिकेट।
- बच्चे के स्कूल का डॉक्यूमेंट, जिसमें माता-पिता के नाम हो और बच्चे की उम्र लिखी हो।
- बच्चे का 0 से 5 साल की उम्र तक का आधार कार्ड।
- पेरेंट्स का आईडी प्रूफ।
