हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शहरी आवास नीति से जुड़ा अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने Haryana Urban Areas Development and Regulation Act, 1975 के तहत लाइसेंस आधारित रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला
सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और समर्पित आवास उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी उद्देश्य से रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में बदलाव किए गए हैं।
पुराने नियम रहेंगे लागू
संशोधित नीति के तहत धारा 5(ii) के अंतर्गत 20 अक्टूबर 2020 को लागू दिशा-निर्देश और समय-समय पर हुए संशोधन यथावत जारी रहेंगे। यानी पात्रता और नियोजन से जुड़े मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
FAR बढ़ाने को मंजूरी
सरकार ने Transferable Development Rights (TDR) Policy, 2021 के अनुरूप बड़ा बदलाव करते हुए रिटायरमेंट हाउसिंग कॉलोनियों के लिए Floor Area Ratio (FAR) बढ़ा दिया है। अब FAR को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है, जो TDR के माध्यम से लागू होगा।
डेवलपर्स और बुजुर्गों को मिलेगा फायदा
FAR बढ़ने से डेवलपर्स को अधिक निर्माण की अनुमति मिलेगी, जिससे ज्यादा आवास इकाइयों और बेहतर सुविधाओं का विकास संभव होगा। इससे वरिष्ठ नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक आवास विकल्प मिल सकेंगे।
ब्रिक्स चैंबर की सिफारिश का असर
इस संशोधन के पीछे BRICS Chamber of Commerce and Industry की सिफारिशों की अहम भूमिका रही। संस्था ने सरकार को नीति में बदलाव के लिए अभ्यावेदन दिया था, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए संशोधन लागू किया।
जल्द लागू होंगे नए प्रावधान
यह संशोधन अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद लागू होगा, जिससे नई परियोजनाओं को तुरंत इसका लाभ मिल सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही बुजुर्गों के लिए बेहतर जीवन-स्तर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
