हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश के 4 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 दिनों तक कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के साथ अंधड़ चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान में 1.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
खुले में रखी फसल को नुकसान का खतरा
मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ सकती है। बारिश और ओलावृष्टि से खुले में रखी धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कटी हुई फसल और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा मंडियों में खुले में रखी फसल को ढकने की व्यवस्था करें।
किसानों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और बदलते मौसम के मद्देनजर सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला और कुरुक्षेत्र में 14 और 15 अक्टूबर को मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम के इस बदलाव से खुले में रखी फसल और कृषि उपज को नुकसान पहुंच सकता है।
कैथल, करनाल, पानीपत और जींद में भी मौसम का असर दिखाई देगा। इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने तथा गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इनके अलावा मौसम विभाग ने महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इन जिलों में बारिश का प्रभाव अलग-अलग स्थानों पर रहने की संभावना है। हालांकि, मौसम में बदलाव के चलते तापमान में गिरावट आने से लोगों को दिन की गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 17 अक्टूबर से मौसम में सुधार होने के आसार हैं।
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को खेतों और मंडियों में रखी फसल की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। कटाई के बाद खेतों में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और संभव हो तो उसे ढककर रखें। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
बारिश और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले मैदान, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। हाईवे पर वाहन धीमी गति से चलाएं और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकने को प्राथमिकता दें।
