लोकसभा चुनाव में हरियाणा की 10 में से 5 सीटें हारी भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। बेरोजगारी की वजह से युवाओं से झटका मिलने के बाद सरकारी पदों पर भर्ती शुरू कर दी गई है। सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में ग्रुप C-D में 5 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी।

इसके लिए सरकार की ओर से सभी विभागों, बोर्ड, निगमों को पत्र भेजकर ग्रुप C-D के खाली पदों का आग्रह पत्र हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के पास भेजने को कहा है। हालांकि अभी इन दोनों ग्रुपों में 60 हजार पद खाली पड़े हुए हैं।

वहीं जानकारों का दावा है कि हरियाणा सरकार में 1.8 लाख सरकारी पद खाली पड़े हुए हैं। सरकार सवा लाख कच्चे कर्मचारियों से काम चला रही है। राज्य में BJP पिछले करीब साढ़े 9 साल से सरकार चला रही है। हालांकि सरकार के अधिकारी लोकसभा चुनाव को लेकर लगी आचार संहिता का हवाला देकर किनारा कर रहे हैं।

हरियाणा सरकार जिन नए और पदों पर भर्ती करने जा रही है, उसमें नए पदों पर भर्ती पहले हो चुके कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के अनुसार ही होगी। अभी तक ग्रुप C के लिए एक और ग्रुप D के लिए एक CET हो चुका है, जब तक दूसरा CET नहीं हो जाता तब तक खाली पदों पर भर्ती इसी CET के अनुसार ही होगी।

ऑल इंडिया गवर्नमेंट इम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष लांबा के मुताबिक हरियाणा में 1.80 लाख सरकारी पद खाली हैं। यहां 4.5 लाख के मंजूर पदों के मुकाबले 2.70 लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं। 1980 में जब राज्य की आबादी 1.25 करोड़ थी तो सरकार में 4 लाख कर्मचारी थे। अब आबादी बढ़कर 2.9 करोड़ हो चुकी है लेकिन कर्मचारियों के पद उतने ही हैं और वह भी पूरे नहीं भरे हैं। इस वजह से न तो युवाओं को नौकरी मिल रही है और न ही नागरिकों को संतुष्टिजनक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!