भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की ओर से रविवार को सिरसा की अनाज मंडी में किसान महासम्मेलन हजारों की संख्या में किसान शामिल हुए। सम्मेलन में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी, जोगिंदर सिंह उग्राहां, डॉ. दर्शनपाल, कांता आलड़िया व पंजाबी कलाकारों रुपिंद्र हांडा, करतार चीमा, दिलप्रीत ढिल्लों ने किसानों को सं‍बोधित किया। संयुक्त मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसान कृषि कानून नहीं चाहते, लेकिन मोदी सरकार जबरन थोपना चाहती है।

ये राजहठ कर रहे हैं और राजहठ राज और परिवार को तबाह करता है, क्योंकि यह तो रावण का भी नहीं चला। उसका न राज रहा, न परिवार। दुर्योधन ने 5 गांव नहीं दिए थे तो उसका भी यही हश्र हुआ था। यही हाल मोदी का होगा। जबकि मोदी से हम कुछ मांग नहीं रहे सिर्फ अपना बचाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां सदा किसानों की विरोधी रही हैं, इसलिए पंजाब में आम लोग चुनाव लड़ेंगे।

किसी बैनर के नीचे नहीं, बल्कि कुछ अच्छे लोग स्वयं आगे आकर राजनीति में शामिल होंगे और चुनाव लड़ेंगे। यह संयुक्त मोर्चा का नहीं, बल्कि उनका निजी फैसला है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में इलेक्शन मैं नहीं लडूंगा, किसान लड़ेंगे और जीतेंगे। आखिर में चढूनी ने कहा कि लोग मौजूदा सरकार से पूरी तरह दुखी हैं, जिसका नतीजा उम्मीद से ज्यादा लोग महासम्मेलन में उमड़े। 27 सितंबर को भारत पूरी तरह से बंद रहेगा।

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