रोहतक के बोहर गांव निवासी अमित उर्फ मोनू समेत तीन युवकों की हत्या के 10 दिन बाद भी पुलिस हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। वहीं, रविवार को अमित उर्फ मोनू की तेरहवीं पर उसका भाई गैंगस्टर सुमित प्लोटरा पैरोल से घर पहुंचा और भाई के हवन आहूति देकर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। गौरतलब है कि बलियाना मोड के पास शराब के ठेके पर अंधाधुंध फायरिंग कर तीन युवकों की हत्या करने के बाद गिरफ्तारी करना तो दूर अभी तक बदमाशों का सुराग तक नहीं लगा पाई है।
सुबह से ही बोहर में पुलिस बल की नियुक्ति कर दी गई थी। चूंकि गैंगस्टर सुमित प्लोटरा पेरोल पर बोहर के लिए सुनारिया जेल से लाया जाना था। पुलिस बल ने उसके घर जाने वाले रास्तों से लेकर मकानों की छतों और अन्य स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। गांव के सभी मार्गों पर पुलिस तैनात किया गया था। जिससे किसी तरह की कोई गैंगवार न हो पाए।
19 सितंबर को बलियाना मोड पर शराब के ठेके पर बैठे बोहर गांव निवासी गैंगस्टर सुमित प्लोटरा के भाई अमित उर्फ मोनू, जयदीप और विनय पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। जबकि इस हमले में अनुज राणा और मनोज भी गोली लगने से घायल हुए थे।
तिहरे हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर राहुल उर्फ राहुल बाबा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके ली थी। जिसमें उसने सुमित प्लोटरा के साथ रहने वालों को भी चेतावनी दी थी।
