आजादी के अमृत महोत्सव पर केंद्र सरकार की ओर से हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच देश के कई इलाकों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां पर लोगों को तिरंगा लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीते दिनों में करनाल से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था जहां एक राशन डिपो धारक लोगों को जबरदस्ती तिरंगा लेने के लिए बाध्य कर रहा था। इस मामले की वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा काफी चर्चा का विषय बना रहा है। इसी पूरे मामले में अब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्वयं संज्ञान लिया है।
करनाल में जबरन तिरंगा बेचने के मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संज्ञान लेते वे सख्त और स्पष्ट आदेश दिए है कि कोई भी तिरंगा लेने के लिए बात नहीं कर सकता। अगर कोई भी व्यक्ति तिरंगा नहीं लेता है तो उसकी किसी सेवा को नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के लिए स्वेच्छा से कोई भी तिरंगा ले सकता है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को लेकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी संस्था इस मुहिम में मदद करना चाहे तो स्थानीय उपायुक्त के माध्यम से संपर्क कर सकती है।
करनाल में डिपो धारक द्वारा राशन कार्ड धारकों को ज़बरदस्ती तिरंगा बेचने के मामले का मुख्यमंत्री श्री @mlkhattar ने कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने सख्त और स्पष्ट आदेश दिए हैं कि कोई भी तिरंगा लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।#Haryana #DIPRHaryana
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 11, 2022
डिपो धारक की सप्लाई सस्पेंड मामला:
बिना तिरंगा लिए राशन नहीं देने के इस मामले में प्रशासन की ओर से पहले से ही एक्शन ले लिया गया है। जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता नियंत्रक ने कार्रवाई करते हुए डिपो धारक की सप्लाई तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दी है। जिसकी जानकारी देते हुए उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि डिपो धारक की राशन की मासिक सप्लाई तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दी गई है. यह कार्रवाई पीडीएस कंट्रोल आर्डर-2009 के तहत की गई है। गांव दादुपुर के साथ अटैच चिडाव हेमदा का डिपो धारक दिनेश कुमार राशनकार्ड धारकों को जबरदस्ती झंडे दे रहा था। डिपो धारक ने अपनी मनमर्जी से सरकार और विभाग की छवि धूमिल करने की कोशिश की है। प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद कार्रवाई की गई है|
