रोहतक, 17 अक्टूबर। रोहतक की धरती पर इस बार दशहरा मेला एक नया इतिहास रचने जा रहा है। पहली बार भगवान श्रीराम की दिव्य गाथा धरती पर रामलीला के मंच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसमान में भी साकार होती नजर आएगी। पुराने आईटीआई मैदान में आयोजित श्री रामलीला उत्सव एवं दशहरा मेले में 200 से अधिक ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर रामायण के प्रमुख प्रसंगों, भगवान श्रीराम के जीवन और सनातन संस्कृति के प्रतीकों की मनमोहक आकृतियां बनाएंगे। आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति के इस अनूठे संगम को लेकर श्री रामलीला उत्सव कमेटी ने व्यापक तैयारियां की हैं। इसके अलावा 31 हनुमान स्वरूपों की विशेष प्रस्तुति और दिल्ली से मंगाई गई रंग-बिरंगी आतिशबाजी भी दशहरा मेले के प्रमुख आकर्षण होंगे।शनिवार को पुरानी आईटीआई मैदान में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री रामलीला उत्सव कमेटी के मुख्य संरक्षक एवं एलपीएस बॉसार्ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश जैन ने दशहरा मेले की तैयारियों और विशेष आकर्षणों की जानकारी दी। इस अवसर पर कमेटी के प्रधान सुभाष तायल सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।राजेश जैन ने बताया कि हरियाणा में रामलीला आयोजन के इतिहास में पहली बार इस तरह का भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 18 अक्टूबर रविवार को रात नौ बजे और 20 अक्टूबर मंगलवार को शाम पांच बजे पुराने आईटीआई मैदान में ड्रोन शो की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। इसमें 200 से अधिक ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरकर भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को जीवंत करेंगे। दर्शकों को ऐसा अनुभव होगा, मानो रामायण के दिव्य दृश्य उनकी आंखों के सामने आकाश में साकार हो रहे हों।31 हनुमान स्वरूपों की प्रस्तुति बनेगी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्रराजेश जैन ने बताया कि इस बार दशहरा मेले को पहले से अधिक भव्य और यादगार बनाने के लिए कई नई प्रस्तुतियां शामिल की गई हैं। विशेष रूप से भगवान हनुमान के 31 स्वरूपों की प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी। कमेटी का प्रयास है कि मेले में पहुंचने वाले प्रत्येक परिवार को धार्मिक आस्था के साथ मनोरंजन का भी अनूठा अनुभव मिले। दिल्ली से मंगाई आतिशबाजी, दो घंटे तक दिखेगा रंगों का अद्भुत नजाराराजेश जैन ने बताया कि दशहरा मेले में इस बार विशेष आतिशबाजी की भी व्यवस्था की गई है। दिल्ली से मंगाई गई रंग-बिरंगी आतिशबाजी करीब दो घंटे तक आसमान में आकर्षक नजारे प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन शो, हनुमान स्वरूपों की प्रस्तुति और आतिशबाजी के माध्यम से रोहतक के दशहरा मेले को नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन को लेकर कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य पूरी मेहनत से तैयारियों में जुटे हुए हैं। केवल मनोरंजन नहीं, नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का माध्यम है रामलीला : राजेश जैनमुख्य संरक्षक राजेश जैन ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन या मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों की पहचान है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी को इन आदर्शों से जोड़ा जाए। इसी उद्देश्य से रामलीला की प्राचीन परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की पहल की गई है।उन्होंने कहा कि रोहतक की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना कमेटी का संकल्प है। इस बार दशहरा मेला अपनी भव्यता और विशेष प्रस्तुतियों के कारण लोगों की यादों में लंबे समय तक बना रहेगा। उन्होंने शहरवासियों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से सपरिवार दशहरा मेले में पहुंचने की अपील की।कमेटी प्रधान सुभाष तायल ने कहा कि दशहरा मेले को भव्य बनाने के लिए सभी पदाधिकारी और सदस्य मिलकर कार्य कर रहे हैं। श्रद्धालुओं और दर्शकों को बेहतर अनुभव देने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का आयोजन रोहतक के सांस्कृतिक इतिहास में एक नई मिसाल कायम करेगा।
